
दंडकारण्य दर्पण
नारायणपुर। अबूझमाड़ के दुर्गम वनांचल में बसे ग्राम कलमानार में पहली बार मोबाइल नेटवर्क की सुविधा पहुंच गई है। जिओ मोबाइल टावर की स्थापना के साथ क्षेत्र में संचार सुविधाओं का नया अध्याय शुरू हो गया है। वर्षों से नेटवर्क के अभाव से जूझ रहे ग्रामीण अब अपने गांव में ही निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
विकासखंड ओरछा के ग्राम कलमानार, समीपस्थ ग्राम पोकानार और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क नहीं था। ग्रामीणों को फोन पर बात करने या इंटरनेट चलाने के लिए गांव से बाहर ऊंचे स्थानों तक जाना पड़ता था। अब जिओ टावर शुरू होने के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है और लोगों को गांव में ही बेहतर संचार सुविधा मिलने लगी है।
अबूझमाड़ में डिजिटल विकास की नई शुरुआत
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक संचार सुविधाओं का विस्तार शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। कलमानार में मोबाइल टावर की स्थापना केवल नेटवर्क उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शासन की योजनाएं और सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में अन्य दूरस्थ गांवों में भी मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
464 ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
नए मोबाइल टावर से ग्राम कलमानार के 144 और ग्राम पोकानार के 320 सहित कुल 464 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे दोनों गांवों के लोगों को बेहतर मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध होंगी।
आपातकाल में तुरंत मिलेगी मदद
मोबाइल नेटवर्क शुरू होने के बाद ग्रामीण अब 108 एंबुलेंस सेवा, स्वास्थ्य केंद्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर सकेंगे। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता और उपचार उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
डिजिटल सेवाएं अब गांव तक
नेटवर्क सुविधा मिलने से ग्रामीणों को अब सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर मिलेगी। साथ ही डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन आवेदन, बैंकिंग सेवाएं, आधार आधारित सुविधाएं और अन्य ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ भी गांव में ही मिल सकेगा। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा सरकारी सेवाओं तक पहुंच और अधिक आसान होगी।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
स्थानीय ग्रामीणों ने जिओ मोबाइल टावर शुरू होने पर खुशी व्यक्त करते हुए शासन और जिला प्रशासन का आभार जताया। उनका कहना है कि अब शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल अबूझमाड़ के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।




