
नारायणपुर जिले में फर्जी बिल बुक और नकली दस्तावेजों के जरिए व्यापारियों से ठगी करने वाले आरोपी को झाराघाटी पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। नारायणपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़े धोखाधड़ी मामले का खुलासा हुआ है, जिससे व्यापारियों में राहत का माहौल है।
पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया के निर्देशन में थाना झाराघाटी में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी बादल सिंह निवासी जबलपुर खुद को गुरुनानक कोल्ड ड्रिंक्स रायपुर कंपनी का सेल्स प्रतिनिधि बताकर नारायणपुर जिले के विभिन्न गांवों और बाजार क्षेत्रों में व्यापारियों को निशाना बना रहा था।
आरोपी कम कीमत पर कोल्ड ड्रिंक्स, फ्रीजर और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने का झांसा देकर व्यापारियों से संपर्क करता था। फर्जी बिल बुक और नकली कंपनी दस्तावेज दिखाकर वह लोगों का विश्वास जीतता और फिर नगद तथा ऑनलाइन माध्यम से रकम वसूल कर फरार हो जाता था।
ग्राम महिमावाड़ी निवासी व्यापारी शंकरदास बघेल ने थाना झाराघाटी में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने उसकी दुकान में पहुंचकर कंपनी का अधिकृत सेल्समैन होने का दावा किया और आकर्षक ऑफर का लालच देकर कुल 33 हजार 560 रुपये प्राप्त कर लिए। भुगतान के बाद आरोपी ने न तो सामान दिया और न ही रकम लौटाई। कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया।
शिकायत के बाद झाराघाटी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबर और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी व्यापारियों से ली गई रकम अपने फोन-पे खाते में ट्रांसफर करवाता था। लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पूछताछ में आरोपी ने फर्जी बिल बुक तैयार कर कई व्यापारियों से रकम लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस को आशंका है कि जिले में अन्य व्यापारी भी इस ठगी का शिकार हुए हैं, जिसकी जांच जारी है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है।
नारायणपुर पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति या कंपनी प्रतिनिधि पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले कंपनी, बिल और पहचान दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य करें।
दंडकारण्य दर्पण की अपील है कि बढ़ते ऑनलाइन और फर्जीवाड़े के दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।




