अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ी हलचल, तेल की कीमतों पर मंडराया संकट का खतरा
अंतरराष्ट्रीय

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में एक बार फिर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ईरान के क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है। वहीं, इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमले का दावा भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे रक्षात्मक कार्रवाई बताया है। दूसरी ओर, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।
कच्चे तेल की कीमतों पर असर की आशंका
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। यदि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।
भारत में महंगाई का बढ़ सकता है दबाव
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने पर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर आम जनता के घरेलू बजट और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे किस दिशा में बढ़ता है। क्या कूटनीतिक बातचीत से हालात सामान्य होंगे या क्षेत्र में सैन्य टकराव और गहराएगा? आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण रहेंगी।
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