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पुलिस स्मृति दिवस: शहीद जवानों के बलिदान को नमन, बस्तर में शांति और विकास के नए अध्याय पर मुख्यमंत्री साय ने दिया जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का किया सम्मान; डीजीपी ने बताया कि एक वर्ष में नक्सल विरोधी अभियानों में 84 नक्सली मारे गए और छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवान हुए शहीद

 

 

रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के शौर्य और समर्पण से प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। अमर शहीदों का बलिदान विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को निरंतर मजबूत करता रहेगा।

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित करते मुख्यमंत्री
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया तथा शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

 

शहीद जवानों का बलिदान देश के लिए सदैव प्रेरणास्रोत

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं।

 

उन्होंने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों का सामना करते हुए शहीद हुए 10 भारतीय पुलिस जवानों की वीरता का स्मरण किया। उन्हीं की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों का त्याग, धैर्य और साहस भी अतुलनीय है। सरकार शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।

 

नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में सुरक्षा बलों का अहम योगदान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध लंबे संघर्ष के बाद शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

 

उन्होंने कहा कि जवानों ने घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का परिचय दिया। अनेक जवानों ने प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका शौर्य और समर्पण छत्तीसगढ़ के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है।

 

दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही विकास की रोशनी

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

 

उन्होंने नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद शांति को स्थायी बनाना और विकास की गति तेज करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और जवानों के कल्याण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीद परिवारों के प्रति जताया सम्मान

 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों का त्याग सदैव याद रखा जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के अनेक वीर जवानों ने वीरगति प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

एक वर्ष में 84 नक्सली मारे गए, छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवान शहीद

 

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की सुरक्षा, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

 

उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

 

डीजीपी ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की गंभीर चुनौती से जूझता रहा है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों, साहस और बलिदान से सशस्त्र नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने शहीद परिवारों को पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उनके सम्मान और सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

 

शहीद वाटिका में भी मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

 

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

 

इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे।

 

दंडकारण्य दर्पण – सच के साथ, समाज के साथ।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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