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नारायणपुर: कौन सुनेगा, किसको सुनाएं .. इसलिए कलेक्ट्रेट का चक्कर काट रहे हैं, डीएवी स्कूल में शिक्षकों की कमी स्कूल के बच्चों का भविष्य अंधकार में,

डीएवी इंग्लिश मीडियम स्कूल इन दिनों काफी  चर्चा में है कारण यह कि शिक्षा व्यवस्था है ना ही क्लास में टीचर्स पढ़ाते मिलते हैं ना ही बच्चे स्कूल में , आए दिन बच्चे कलेक्ट्रेट कार्यालय में हड़ताल करते नजर आ रहे हैं।

जिसका सबसे बड़ा कारण है स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल में कई विषयों पर पढ़ाई नहीं होने के कारण जहां स्कूल पहली क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक हैं, पर स्कूल में शिक्षकों की संख्या महज 12 से 15 की संख्या में बताई जा रही है , इतने बड़े स्कूल में लगभग 30 से 35 शिक्षक होनी चाहिए जिसके कारण क्लासेस में विषय अंतर्गत पढ़ाई नहीं हो पाती बच्चे इस परेशानी को लगातार अधिकारियों को बताते आ रहे हैं, बच्चों का कहना है पिछले दो-तीन महीनों से हम कलेक्ट्रेट में कलेक्टर से अपनी समस्या का शिकायत करने के लिए आते हैं और घंटो घंटो इंतजार करते हैं जिसके बाद भी हमसे कलेक्टर महोदय मिलने को तैयार नहीं रहते अब हम अपनी समस्या बड़े अधिकारियों को नहीं बताएंगे तो हम पढ़ाई कैसे करेंगे हमारी भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।

 

नारायणपुर में पहुंचे बस्तर कमिश्नर की काफिला को बच्चों ने रोका

जब स्कूल के बच्चों को कलेक्टर से नहीं मिलने दिया गया उसके बाद बच्चों ने नाराज होकर कलेक्टर परिसर में ही हल्ला गुल्ला करना चालू कर दिया जिस वक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभा कक्ष में बस्तर संभाग के कमिश्नर जिला स्तरीय मीटिंग ले रहे थे बस्तर कमिश्नर के कलेक्ट्रेट से बाहर निकलते ही बच्चों ने कमिश्नर के गाड़ी को रोका और अपनी समस्या बताइए बहुत बड़ी विडंबना है कि जहां बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार बड़ी-बड़ी वादे तो करती है पर पुरानी स्कूलों की हालत काफी निराशाजनक है ऐसी स्थिति में अब बच्चे क्या न करें।
डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल भी स्कूल से अलविदा कह दिए कारण बताया जा रहा है डीएवी स्कूल के शिक्षकों का वेतन कई महीनों महीनों तक तनख्वाह नहीं मिलने से शिक्षक परेशान है और स्कूल छोड़कर वापस जा रहे हैं जिसका सबसे बड़ा कारण यहां है स्कूल में शिक्षक ही नहीं रहेंगे तो कैसे पढ़ाई होगा।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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