एसडीएम के आदेश की अवहेलना, 24 घंटे में हुआ सड़क हादसा; NH-30 पर अव्यवस्थित पार्किंग बनी खतरा
पटाखा बाजार में पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देशों का नहीं हुआ पालन, स्टेडियम मैदान के मुख्य द्वार के पास कार और बाइक में जोरदार भिड़ंत; बाल-बाल बचे वाहन सवार
रिपोर्टर – धनेन्द्र निषाद
कोंडागांव/फरसगांव। नगर पंचायत फरसगांव के स्टेडियम मैदान में संचालित पटाखा बाजार में पार्किंग व्यवस्था की अनदेखी अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है। प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान एसडीएम द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद 24 घंटे के भीतर भी पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। इसका परिणाम शनिवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर हुए सड़क हादसे के रूप में सामने आया। घटना के बाद नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

एसडीएम के निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एसडीएम दिलीप उइके ने फरसगांव के स्टेडियम मैदान में संचालित पटाखा बाजार का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों को खरीदारों के वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित करने के निर्देश दिए थे।
एसडीएम ने स्पष्ट किया था कि पटाखा दुकानों के परिसर में वाहनों की पार्किंग नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद निरीक्षण के अगले दिन तक मौके पर व्यवस्थित वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
सड़क किनारे खड़े वाहन बढ़ा रहे दुर्घटना का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखा बाजार में पर्याप्त पार्किंग स्थल निर्धारित नहीं होने के कारण खरीदारी करने पहुंच रहे लोग अपने वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़ा करने को मजबूर हैं। इससे सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। खासकर त्योहार के दौरान बाजार में लोगों और वाहनों की आवाजाही अधिक होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
NH-30 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग न केवल वाहन चालकों बल्कि पैदल राहगीरों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।
नगर पंचायत की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
एसडीएम द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के बावजूद पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त नहीं होना नगर पंचायत की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। जब प्रशासन ने पहले ही संभावित खतरे को देखते हुए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए थे, तो उनके पालन की निगरानी क्यों नहीं की गई?
सिर्फ निरीक्षण और निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जमीन पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
शनिवार रात हुई दुर्घटना ने एक बार फिर पटाखा बाजार की यातायात और पार्किंग व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। हादसे में गंभीर जनहानि नहीं होना राहत की बात है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब सवाल यह है कि एसडीएम के निर्देशों के बावजूद पार्किंग व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई? क्या नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों ने आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया? क्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग रोकने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
त्योहार के व्यस्त समय में प्रशासन और नगर पंचायत को तत्काल वैकल्पिक पार्किंग स्थल निर्धारित करने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।



