फरसगांव में पटाखा दुकानों पर एसडीएम की कार्रवाई, सुरक्षा खामियां मिलने पर दुकानदारों पर जुर्माना
फायर सेफ्टी, लाइसेंस और साफ-सफाई में मिली लापरवाही; पार्किंग व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
कोंडागांव/फरसगांव। दीपावली पर्व के मद्देनजर फरसगांव नगर के स्टेडियम ग्राउंड में संचालित पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। शुक्रवार को एसडीएम दिलीप उइके ने राजस्व, नगर पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के साथ पटाखा दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। फायर सेफ्टी उपकरण, लाइसेंस और साफ-सफाई की व्यवस्था में कमियां मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई।

निरीक्षण में कई दुकानों में मिली सुरक्षा संबंधी खामियां
संयुक्त निरीक्षण के दौरान तातेड़ पटाखा दुकान में फायर सेफ्टी किट की कमी पाई गई। गुणवंत पटाखा दुकान में मौके पर लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। इसी तरह आकाश साहू और रमेश जायसवाल की दुकानों में लाइसेंस एवं अग्निशमन उपकरणों की कमी सामने आई।
त्रिभुवन साहू की दुकान में फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं पाए गए, जबकि माखन साहू और जागेश की दुकानों में अग्निशमन उपकरणों के साथ-साथ डस्टबिन की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके अतिरिक्त प्रभात की दुकान के सामने नो पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाते हुए सभी को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि पटाखों की बिक्री के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए प्रत्येक दुकान में आवश्यक अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध होने चाहिए। दोबारा लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पार्किंग व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल
पटाखा दुकानों के निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत की पार्किंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही। हर वर्ष की तरह इस बार भी नगर पंचायत द्वारा स्टेडियम ग्राउंड में पटाखा दुकानें लगाने के लिए स्थान आवंटित किया गया है, लेकिन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से ग्राहकों और स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेडियम के आधे हिस्से में पटाखा दुकानें लगाई गई हैं, जबकि पीछे का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि दुकानों को पीछे की ओर व्यवस्थित ढंग से लगाया जाता तो सामने के हिस्से में वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह बनाई जा सकती थी। इससे बाजार क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को भी नियंत्रित किया जा सकता था।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने नगर पंचायत और पुलिस विभाग को स्टेडियम के मुख्य प्रवेश मार्ग पर लकड़ी का बैरियर लगाने तथा आवागमन को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। साथ ही पटाखा दुकानों के आसपास बाइक पार्किंग करने वालों और संबंधित दुकानदारों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करने को कहा।
आग से बचाव के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं
पटाखा दुकानों के परिसर में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। परिसर में दो स्थानों पर रेत की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन पानी के टैंकर दुकानों के सामने रखने के बजाय पीछे की ओर रखे गए हैं। ऐसे में किसी आकस्मिक आगजनी की स्थिति में तत्काल पानी उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती है।
पटाखों की बिक्री वाले स्थान पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है। विशेषकर दीपावली के दौरान ग्राहकों की भीड़ और ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी को देखते हुए पानी, रेत और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनका त्वरित उपयोग भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रशासन की सख्ती के बाद व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
एसडीएम के निरीक्षण और कार्रवाई के बाद अब नगर पंचायत तथा पटाखा दुकानदारों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग समय रहते पार्किंग, अग्नि सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कर पाएंगे? दीपावली जैसे बड़े पर्व पर नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में प्रशासनिक निर्देशों का केवल निरीक्षण तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर पालन होना जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान फरसगांव थाना प्रभारी आलोक साहू, आरआई गुमान दीवान सहित नगर पंचायत के कर्मचारी उपस्थित रहे।
दण्डकारण्य दर्पण सच के साथ, समाज के साथ।



