बस सेवा बहाल, लेकिन अंतागढ़–नारायणपुर सड़क की बदहाली पर AAP ने प्रशासन को घेरा
नरेन्द्र नाग बोले—जनता को राहत देना प्रशासन का एहसान नहीं, जिम्मेदारी है; भारी माइंस वाहनों पर नियंत्रण और सड़क मरम्मत की समय-सीमा सार्वजनिक करने की मांग
नारायणपुर, 12 अक्टूबर 2026। अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग पर यात्री बस सेवा बहाल होने के बाद सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे जनता की आवाज और संघर्ष का सकारात्मक परिणाम बताते हुए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने कहा कि ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनी के बाद यदि प्रशासन कार्रवाई कर सकता है, तो आम जनता को महीनों तक परेशानी क्यों झेलनी पड़ी?

सड़क की बदहाली से आम यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
आम आदमी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग पर भारी माइंस वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क की स्थिति लगातार खराब होती रही है। सड़क पर गड्ढे, धूल और कीचड़ के कारण क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसका असर यात्री बस सेवा पर भी पड़ा।
नरेन्द्र नाग ने सवाल उठाया कि आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम परिवहन उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जब सड़क की खराब स्थिति के कारण यात्री परेशान हो रहे थे, तब समय रहते स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए? उन्होंने सड़क की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
भारी माइंस वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण की मांग
AAP नेता ने कहा कि क्षेत्र में भारी वाहनों के लगातार आवागमन और सड़क को हो रहे नुकसान के मुद्दे की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सड़क की स्थिति में सुधार होने तक भारी माइंस वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नियमानुसार ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क को हुए नुकसान का तकनीकी सर्वे कराया जाना चाहिए। इससे सड़क की वास्तविक स्थिति, मरम्मत की जरूरत और आवश्यक निर्माण कार्यों का आकलन किया जा सकेगा।
सड़क मरम्मत की समय-सीमा सार्वजनिक करने की मांग
आम आदमी पार्टी ने सड़क की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें भारी वाहनों से सड़क को हुए नुकसान का तकनीकी सर्वे, नियमानुसार भारी माइंस वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण तथा सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों की समय-सीमा सार्वजनिक करना शामिल है।
पार्टी ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है, ताकि सड़क की समस्या का समाधान केवल अस्थायी राहत तक सीमित न रहे और क्षेत्रवासियों को लंबे समय तक सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
बस सेवा बहाल होने के बाद भी आंदोलन की चेतावनी
नरेन्द्र नाग ने स्पष्ट किया कि यात्री बस सेवा बहाल होना राहत की बात है, लेकिन सड़क की बदहाली का स्थायी समाधान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करेगी। यदि सड़क की मरम्मत और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी क्षेत्रवासियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करेगी।
उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन का दायित्व है। सड़क की स्थिति में सुधार, भारी वाहनों से होने वाले नुकसान की जांच और मरम्मत कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग क्षेत्र के लोगों के आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में बस सेवा की बहाली के साथ सड़क की स्थिति में सुधार भी स्थानीय नागरिकों की प्रमुख अपेक्षा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग सड़क की मरम्मत और सुरक्षित यातायात को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
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