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CG: महतारी वंदन योजना बनी जुन्नीबाई का सहारा, ऋण की किस्त चुकाने के साथ खेती और घर की जरूरतों में कर रहीं सहयोग

नारायणपुर के बेनूर की 64 वर्षीय जुन्नीबाई को हर महीने मिल रही आर्थिक सहायता, परिवार की जरूरतों के साथ खेती-किसानी में भी हो रहा उपयोग

महतारी वंदन योजना बनी जुन्नीबाई का सहारा, ऋण की किस्त चुकाने के साथ खेती और घर की जरूरतों में कर रहीं सहयोग

 

नारायणपुर के बेनूर की 64 वर्षीय जुन्नीबाई को हर महीने मिल रही आर्थिक सहायता, परिवार की जरूरतों के साथ खेती-किसानी में भी हो रहा उपयोग

 

नारायणपुर, 5 अक्टूबर 2026। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता किस तरह परिवार की जरूरतों को पूरा करने और आजीविका को मजबूत करने में मददगार बन सकती है, इसकी एक तस्वीर नारायणपुर जिले के ग्राम बेनूर से सामने आई है। यहां कोटवारपारा निवासी 64 वर्षीय श्रीमती जुन्नीबाई कुलदीप महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों के साथ खेती-किसानी और ऋण की किस्त चुकाने में कर रही हैं।

नारायणपुर के बेनूर की जुन्नीबाई कुलदीप
नारायणपुर के बेनूर की 64 वर्षीय जुन्नीबाई कुलदीप महतारी वंदन योजना की राशि से ऋण की किस्त चुकाने के साथ खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों में सहयोग कर रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता जुन्नीबाई के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। योजना की राशि से उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सहयोग करने में मदद मिल रही है।

 

ऋण की किस्त चुकाने में भी मिल रही मदद

 

जुन्नीबाई बताती हैं कि उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक कार्यों और घरेलू उपयोग की सामग्री की व्यवस्था के लिए बैंक से 25 हजार रुपये का ऋण लिया था। अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि में से वह हर महीने 650 रुपये ऋण की किस्त के रूप में जमा करती हैं।

 

ऋण की नियमित किस्त जमा करने के बाद बची राशि का उपयोग वह घर की आवश्यक सामग्री और परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें घरेलू खर्चों को संभालने में सहूलियत मिल रही है।

 

खेती-किसानी में भी बन रही मददगार

 

जुन्नीबाई के लिए महतारी वंदन योजना की राशि केवल घरेलू खर्च तक सीमित नहीं है। वह इसका उपयोग खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में भी सहयोग के लिए करती हैं।

 

उनका कहना है कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता के कारण छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में वह अपनी ओर से आर्थिक योगदान दे पा रही हैं और खेती से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में भी सहयोग कर रही हैं।

 

आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास

 

जुन्नीबाई के अनुभव में महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का एक माध्यम भी बनी है। नियमित राशि मिलने से उन्हें घरेलू जरूरतों की योजना बनाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग करने में मदद मिल रही है।

 

उनके अनुसार, परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों में स्वयं आर्थिक योगदान देने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

 

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

 

महतारी वंदन योजना से मिल रही सहायता के लिए जुन्नीबाई कुलदीप ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक व्यवस्था में भी सहयोग कर पा रही हैं।

 

जुन्नीबाई के लिए यह योजना नियमित आर्थिक सहारे का आधार बनी हुई है। उनकी कहानी बताती है कि नियमित आर्थिक सहायता का उपयोग यदि जरूरत के अनुसार किया जाए तो इससे घरेलू जरूरतों के साथ आजीविका और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों को भी सहारा मिल सकता है।

 

दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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