
संवाददाता- बोधन नाग
स्थान: नारायणपुर / छोटेडोंगर
छोटेडोंगर क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीण परेशान
हर महीने बिजली बिल भरने के बाद भी 15 से 18 दिन ही मिल रही बिजली, नेटवर्क सेवा और हॉस्टल में बच्चों की पढ़ाई ठप
नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीणों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बारिश के इस मौसम में बार-बार बिजली गुल होने के कारण घरेलू कामकाज, स्थानीय व्यापार और बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रात के अंधेरे में पढ़ाई करने में भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटेडोंगर और आसपास के कई इलाकों में आए दिन घंटों बिजली सप्लाई ठप रहती है। हर महीने नियमित रूप से बिल जमा करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त और निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि एक महीने में केवल 15 से 18 दिन ही बिजली सुचारू रूप से मिलती है, जबकि बाकी के दिनों में बिजली का आना-जाना लगा रहता है।
फॉल्ट सुधारने में लापरवाही का आरोप
क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष जताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या फॉल्ट आने पर विभाग को तुरंत सूचना दी जाती है, लेकिन इसके बाद भी समय पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं होता। मोबाइल मैसेज और फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब या त्वरित कार्रवाई देखने को नहीं मिलती।
नेटवर्क ठप, पढ़ाई पर गहरा असर
बिजली जाते ही क्षेत्र में मोबाइल टावर काम करना बंद कर देते हैं, जिससे संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाती है। अंदरूनी इलाकों में रहने वाले लोग बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं। बिजली और नेटवर्क की इस दोहरी समस्या के कारण हॉस्टल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं।
दावों के विपरीत जमीनी हकीकत
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार और प्रशासन बेहतर बिजली व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली के दामों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके बावजूद अंदरूनी इलाकों के घरों में नियमित बिजली आपूर्ति की समस्या जस की तस बनी हुई है। गर्मी बीत जाने के बाद अब बारिश के मौसम में भी बार-बार बिजली बंद होने से लोगों का जीना दुभर हो गया है।
स्थायी समाधान की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि छोटेडोंगर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। बार-बार होने वाले फॉल्ट का स्थायी समाधान निकाला जाए और शिकायत मिलते ही तुरंत मरम्मत दल मौके पर भेजा जाए। ग्रामीणों का साफ कहना है कि समय पर पूरे बिल का भुगतान करने के बाद भी बिजली न मिलना एक गंभीर लापरवाही है, जिसका तुरंत समाधान होना
बेहद जरूरी है।




