CG: पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से रचना सोनी ने बचाए 35 हजार रुपये
अपने नाम संपत्ति होने से बढ़ा आत्मविश्वास, बची राशि से परिवार की आर्थिक योजना को मिली मजबूती

रायपुर, 21 सितंबर 2026। शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, तो उसका असर लंबे समय तक दिखाई देता है। बिलासपुर की श्रीमती रचना सोनी के लिए महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली 50 प्रतिशत की शुल्क रियायत ऐसा ही अनुभव लेकर आई। अपने नाम संपत्ति का पंजीयन कराने पर उन्हें करीब 35 हजार रुपये की बचत हुई।
रचना सोनी ने बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली छूट से संपत्ति पंजीयन का खर्च कम हुआ और परिवार पर आर्थिक बोझ भी घटा। बची हुई राशि का उपयोग परिवार की अन्य जरूरतों और भविष्य की आर्थिक योजना में किया जा सकता है।
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने की पहल
महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व से जोड़ने के उद्देश्य से अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर महिलाओं के पक्ष में पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इससे महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत मिलती है।
शासन का उद्देश्य इस सुविधा के माध्यम से महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करना और उन्हें संपत्ति के स्वामित्व के साथ आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है।
रजिस्ट्री का खर्च कम होने से मिली राहत
रचना सोनी ने बताया कि संपत्ति अपने नाम कराने के दौरान करीब 35 हजार रुपये की बचत उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण रही। संपत्ति खरीदने और उसके पंजीयन में होने वाले खर्च के बीच यह राशि आर्थिक राहत के रूप में मिली।
उनका कहना है कि अपने नाम संपत्ति होने से उन्हें स्वामित्व का अधिकार मिलने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महिलाओं के नाम संपत्ति होने से परिवार के आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत होती है और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार तैयार होता है।
सेवा संकल्प अभियान में सामने आया अनुभव
सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं और सुविधाओं के जमीनी प्रभाव को जान रहा है। इसी क्रम में रचना सोनी ने अपने अनुभव साझा किए और महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में दी जा रही रियायत को उपयोगी पहल बताया।
रचना सोनी की कहानी यह बताती है कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत केवल तत्काल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है। इसके साथ महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व से जोड़ने और उनके आर्थिक आत्मविश्वास को बढ़ाने का अवसर भी मिलता है।
उन्होंने महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने वाली इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।




