CG News: जंगल में चल रहे माओवादी हथियार कारखाने का भंडाफोड़ गडचिरोली और नारायणपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता
ऑपरेशन अंतिम प्रहार के तहत सीमा के जंगलों से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद आत्मसमर्पित माओवादियों की सूचना पर चला अभियान, सुरक्षा बलों ने मौके पर ही किया

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे घने जंगलों में माओवादियों द्वारा संचालित गुप्त हथियार निर्माण कारखाने का सुरक्षा बलों ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। गडचिरोली पुलिस और नारायणपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
यह कार्रवाई माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत की गई। पुलिस को आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार काकूर थाना क्षेत्र से लगभग सात किलोमीटर दूर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में माओवादी लंबे समय से हथियार निर्माण और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखे हुए थे।
26 मई 2026 को शुरू किए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में विशेष अभियान दल, बीडीडीएस टीम और डीआरजी नारायणपुर के जवान शामिल रहे। लगातार सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद 27 मई को जवानों ने जंगल के भीतर छिपाए गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार माओवादी संगठन इन गुप्त ठिकानों का उपयोग हथियार निर्माण और हमलों की तैयारी के लिए कर रहे थे। बरामद सामग्री में हथियार बनाने के उपकरण, विस्फोटक सामग्री और अन्य संदिग्ध सामान शामिल था। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए बरामद विस्फोटकों को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया।
इस कार्रवाई को माओवादियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों के कारण माओवादी संगठन अब कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों से मिल रही सूचनाएं सुरक्षा बलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।
दंडकारण्य दर्पण की नजर में यह कार्रवाई केवल हथियार बरामदगी नहीं बल्कि सीमावर्ती जंगलों में माओवादियों के गुप्त नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से अब माओवादी संगठन के ठिकाने और गतिविधियां तेजी से उजागर हो रही हैं।




