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बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान जरूरी: केदार कश्यप

गोलावंड के आंगनवाड़ी केंद्र में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम, मंत्री ने बच्चों और महिलाओं से किया सीधा संवाद

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान जरूरी: केदार कश्यप

 

गोलावंड के आंगनवाड़ी केंद्र में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम, मंत्री ने बच्चों और महिलाओं से किया सीधा संवाद

 

कोंडागांव। बच्चों को कुपोषण से बचाने और गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए परिवार और समाज की जागरूकता बेहद जरूरी है। बच्चों को संतुलित आहार मिले और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पोषण का विशेष ध्यान रखा जाए। यह बात वन मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड के स्कूलपारा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान कही।

गोलावंड आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों और महिलाओं से संवाद करते केदार कश्यप
गोलावंड के स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान बच्चों और महिलाओं से संवाद करते वन मंत्री केदार कश्यप।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों और महिलाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों के पोषण की स्थिति के साथ गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित अमले को बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।

 

बच्चों से बातचीत कर परखी सीखने की क्षमता

 

कार्यक्रम के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने आंगनवाड़ी केंद्र में मौजूद बच्चों से बातचीत की और उनकी सीखने की क्षमता को परखा। बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और अलग-अलग वस्तुओं की पहचान की।

 

बच्चों की सहभागिता और उत्साह देखकर मंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को फल और चॉकलेट वितरित किए तथा नियमित रूप से पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया।

 

मंत्री ने बच्चों के अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करें और कुपोषण के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें।

 

गर्भवती महिलाओं को पोषण के प्रति किया जागरूक

 

वन मंत्री ने गर्भवती महिलाओं से संवाद करते हुए गर्भावस्था के दौरान संतुलित और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मां और बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

 

कार्यक्रम में पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म भी संपन्न कराई गई। वहीं तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।

 

आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

 

वन मंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और साफ-सफाई की स्थिति देखी। उन्होंने केंद्र को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके।

 

उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों की उपस्थिति, पोषण और नियमित गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी ली तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के उपायों के प्रति लगातार जागरूक करने पर जोर दिया।

 

छह महिलाओं का सेवाभाव के लिए सम्मान

 

कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में सेवाभाव और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं सहायिका सहित छह महिलाओं को सम्मानित किया गया।

 

वन मंत्री ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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