छाछ से बना कीटनाशक होता है सबसे ज्यादा प्रभावशाली, बस तरीका जान लिजिए मुफ्त में कर सकते हैं तैयार।

कृषि_संदेश

छाछ से बना कीटनाशक होता है सबसे ज्यादा प्रभावशाली, बस तरीका जान लिजिए मुफ्त में कर सकते हैं तैयार।

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मुख्य-संपादक

बारिश के मौसम में फसलों पर कीटों और फफूंद का प्रकोप बढ़ जाता है। इन्हें खत्म करने की बाजार में सैकड़ों रासायनिक कीटनाशक उपलब्ध हैं। लेकिन, किसानों ने अब घर पर भी इसका इंतजाम करना शुरू कर दिया है। इससे न सिर्फ पैसे की बचत हो रही है बल्कि फसल को भी नुकसान से बचा रहे हैं।

छाछ से कीटनाशक बनाने की सरल विधि

छाछ को मटके में जमा कर उसमें नीम, धतूरा, आक की पत्तियां मिलाकर मटके के मुंह को अच्छी तरह बांधकर सड़े हुए गोबर या खेत की मिट्टी के नीचे दबा दिया जाता है। 20 से 25 दिन के बाद उसे बाहर निकालने के उपरांत पानी में मिलाकर कितना कीटनाशक के रूप में प्रयोग किया जाता है । कद्दू, करेले आदि पर लगने वाली फफूंद के लिए यह शानदार काम करता है। रासायनिक कीटनाशक की तरह यह सब्जी को जहरीला भी नहीं बनाता है ।

खरीफ फसल पर होता है इस्तेमाल

खरीफ के मौसम में जो भी सब्जियां और फसलें बोई जाती हैं उसमे कीट-पतंग, इल्ली और फफूंद का प्रकोप हो जाता है। जिससे फसल और उपज दोनों पर असर पड़ता है। प्रभावित पौधे बेहतर उत्पादन नहीं दे पाते हैं। बाजार में मौजूद रसायन एक तो काफी महंगे हैं जो किसान के लिए खेती का खर्च बढ़ा देते हैं दूसरे कई बार इनका फसलों पर असर भी पड़ता है। छाछ के इस्तेमाल से तैयार कीटनाशक

नीम के तेल में छाछ मिलाकर छिड़काव करने से ऐसे कीट मर जाते हैं।  15 लीटर क्षमता वाली दवा छिड़कने वाली मशीन का टैंक में 35 ग्राम नीम का तेल, आधा लीटर छाछ और एक शैंपू का मिलाकर छिड़काव करने से फायदा मिलेगा। 150 लीटर पानी में 3 लीटर खट्टी छाछ में एक तांबे का टुकड़ा या लोटा डाल देते हैं। दो-दिनों तक इसे ऐसे ही किसी बर्तन में रखा जाता हैं। इसके बाद इस घोल का छिड़काव एक एकड़ फसल में किया जा सकता हैं।

दंडकारण्य दर्पण

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