कृषि महाविद्यालय में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस शुद्ध-स्वच्छ-स्वस्थ पर्यावरण का मानव जीवन में बताया महत्व, बनायी मानव श्रंखला: जनसंपर्क

कृषि महाविद्यालय में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस

शुद्ध-स्वच्छ-स्वस्थ पर्यावरण का मानव जीवन में बताया महत्व, बनायी मानव श्रंखला

नारायणपुर, 6 जून 2022 -इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर अंतर्गत कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, नारायणपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के द्वारा बीते दिन विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। स्वयं सेवकों ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पोस्टर के माध्यम से केरलापाल गौठान से केरलापाल ग्राम तक एक किलोमीटर तक की मानव श्रुखंला बनाकर पर्यावरण एवम पृथ्वी संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवम सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिष्ठता एवम राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रत्ना नशीने ने कहा की शुद्ध-स्वच्छ-स्वस्थ पर्यावरण का मानव जीवन में बड़ा ही महत्व है। हमने अपनी सुविधा के लिए प्रकृति के संसाधनों का दोहन किया और बढ़ते प्रदूषण और प्रकृति को होने वाले नुकसान को कम करने को लेकर जागरुकता अभियान चलाने के लिए पर्यावरण दिवस को मानते है। पर्यावरण के प्रति लोगों को एवम प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जागरूक किया जाता है। जल, थल और आकाश मिलकर पर्यावरण को बनाते हैं, पर्यावरण से तात्पर्य हमारे चारांे ओर के वातावरण और उसमे रहने वाले एवम उपस्थित वायु, भूमि, जल, पशु पक्षी, पेड़ पौधे आदि पर्यावरण मे आते है।
डॉ. अनिल ने कहा कि शुद्ध हवा, शुद्ध जल, समय पर वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं का सम्बन्ध सीधा पर्यावरण से ही होता हैं। इस बार की विश्व पर्यावरण दिवस 2022 की थीम नीतियों और स्वच्छ और ग्रीन लाइफस्टाइल के लिए विकल्पों में परिवर्तनकारी बदलावों द्वारा प्रकृति के साथ अच्छे से रहने की जरूरत पर जोर डालता है। स्वयं सेविका खुशी मींज, नरोतम पटेल, वीरनारायण ने अपने विचार व्यक्त किये और योगिता साहू ने स्वरचित कवित आज ही अचानक क्यू सबको ध्यान आया आज पर्यावरण दिवस है इसलिए पेड लगाया….।
इस अवसर पर गोठान केरलापाल मे डॉ. जीवन लाल नाग के मार्ग दर्शन मे पौध रोपण किया गया । पौध रोपण के पूर्व स्वयं सेवाको को पौधों को रोपने की विधि बतायी गई, स्वयं सेवकों और अध्यापकगण आम, अमरूद, इमली, कटहल, करंज आदि का पौध रोपण गोठान केरलापाल में किया गया। कुमारी कीर्ति साहू और थविरनाथ नायक ने कार्यक्रम का संचालन और अध्यापक श्री हिमालय साहू आभार व्यक्त किया।

Exit mobile version