
नारायणपुर : सर्व ब्राह्मण समाज नारायणपुर द्वारा मंगलवार को अक्षय तृतीया के दिन भगवान श्री परशुराम जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। इनका जन्म बैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को हुआ था। ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था, इसी लिए जिस दिन प्रदोष काल के दौरान तृतीया होती है उस दिन भगवान परशुराम की जयंती को विशेष रूप से मनाया जाता है। इस अवसर पर स्थानीय सामाजिक भवन में 02 मई से अखण्ड रामायण के पाठ का आयोजन किया गया तथा भगवान श्री का पूजन-अर्चन हुआ।
अखण्ड रामायण की समाप्ति के पश्चात् पुराना बस स्टैंड में हनुमान जी के मन्दिर प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जो देर शाम तक चलता रहा, भंडारे के बाद भगवान परशुराम जी की शोभायात्रा निकाली गई l शोभायात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु, युवा, महिलाएं शामिल हुए जिसका का नेतृत्व मातृशक्तियों ने किया। शोभायात्रा में आकर्षक झांकी बनाई गई थी जो की सामाजिक भवन से जय स्तम्भ चौक, गायत्री मन्दिर, सोनपुर रोड, मेन रोड होते हुए सर्व ब्राह्मण समाज के सामाजिक भवन पहुंची। शोभायात्रा के दौरान परशुराम के नारों से शहर गुंजायमान हुआ। शोभायात्रा के पश्चात् भजन संध्या का आयोजन किया गया तथा समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान श्रीफल तथा शॉल देकर किया गया l
भगवान परशुराम जी की जयंती के अवसर पर स्थानीय विधायक चंदन कश्यप द्वारा सर्व ब्राह्मण समाज के सामाजिक भवन में पहुंचकर अपनी शुभकामनायें देकर अखण्ड रामायण के पाठ में शामिल होकर भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त किया l
भगवान परशुराम जी के प्राकाट्योत्सव के अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज नारायणपुर द्वारा समाज के वृद्धजनों का सम्मान किया जाता है, इस वर्ष श्रीमती लीलावती जोशी, श्रीप्रकाश नैलवाल, श्री डीपी द्विवेदी, श्री मोदनारायण झा, श्री मिलन मिश्रा, श्रीमती निर्मला झा, श्रीमती नन्दा नैलवाल, श्री गोपाल प्रसाद तिवारी सहित श्रीमती तिवारी का सम्मान शॉल तथा श्री फल भेंटकर समाज प्रमुखों द्वारा किया गया l
सर्व ब्राह्मण समाज नारायणपुर के अध्यक्ष आलोक कुमार झा ने बताया की भगवान परशुराम की पूजा मानव जीवन से जुड़े ज्ञात अज्ञात शत्रुओं से रक्षा व अक्षय फल की प्राप्ति के लिये की जाती है l उन्होंने बताया की ब्राह्मण समाज द्वारा नारायणपुर में भगवान परशुराम जी के प्राकटयोत्सव के अवसर पर कई दशकों से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है l