Special story: वर्षों से नक्सल दंश झेल रहे अबूझमाड़ के नक्सल पीड़ित परिवारो ने फहराया गर्व से तिरंगा और गाये सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा।

वर्षों से नक्सल दंश झेल रहे अबूझमाड़ के नक्सल पीड़ित परिवारो ने फहराया गर्व से तिरंगा और गाये सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा।

 


नारायणपुर : आजादी क्या होती है सही मायने में नक्सल पीड़ित परिवार को पता है इसकी कीमत जिसने बरसों से नक्सलियों का आतंक देखा और बड़े हुए उनकी जगह में ना कभी राष्ट्रगान होती है ना तिरंगा फहराया जाता है गुलामी की जिंदगी सदियों से जी रहे हैं।

नारायणपुर जिला घोर नक्सल प्रभावित होने के कारण जिला के कई गांव आज भी नक्सलियों के कब्जे में है आज भी उस जगह में लोग गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं, नक्सलियों ने कितने ही परिवार को बेघर कर उनके गांव से भगा दिया है कई परिवार अपना घर जमीन छोड़कर शहर में आकर बसने पर मजबूर हो गए शहर में ऐसे ही बहुत से परिवार आकर बस गए , शहर में गुडरीपारा और शांतिनगर में अपना बसेरा बना लिया आज वहां रहने वाले कई परिवार गणतंत्र दिवस पर शान से तिरंगा फहराया है । पिछले 3 साल से करुणा फाउंडेशन और पुलिस की सहयोग से गुडरीपारा में नक्सल पीड़ित परिवार से फहराया तिरंगा ।

गणतंत्र दिवस पर नक्सल पीड़ित परिवारों के छोटे बच्चे,युवा, बुजुर्ग, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया । साथ ही नारायणपुर के रक्षित निरीक्षक दीपक साव और करुणा फाउंडेशन के सभी सदस्य उपस्थित होकर तिरंगे का मान बढ़ाया और एक सुर में गाये सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।

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