
नक्सल मुक्त बस्तर में जवानों के बीच दीपावली मनाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शहीदों के बलिदान को करेंगे नमन
पहली बार बस्तर की धरती पर जवानों के साथ दीपोत्सव मनाने पहुंचेंगे प्रधानमंत्री, करनपुर CRPF कैंप में कार्यक्रम होने की चर्चा; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया स्वागत
बस्तर। कभी नक्सलवाद की दहशत, मुठभेड़ों और गोलियों की गूंज के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान बना रहा है। इसी बदलते बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवानों के साथ दीपावली मनाने का प्रस्तावित कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से बस्तर में जवानों के बीच दीपावली मनाने की जानकारी साझा की है। उनके इस आगमन को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह का माहौल है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल दीपावली उत्सव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी बनेगा। नक्सलवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष में जिन वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में मोर्चा संभाला और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी शहादत को नमन करना इस आयोजन की महत्वपूर्ण भावना होगी।
जवानों के बीच दीपावली, करनपुर कैंप पहुंचने की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर प्रवास के दौरान CRPF के करनपुर कैंप में जवानों के साथ दीपावली मनाने की चर्चा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के भी करनपुर कैंप पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में प्रधानमंत्री के यहां पहुंचने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, कार्यक्रम स्थल और विस्तृत दौरे को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
मुख्यमंत्री साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका स्वागत किया है। विजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नक्सल मुक्त बस्तर में प्रधानमंत्री जी का स्वागत है।”
प्रधानमंत्री का बस्तर पहुंचना उन सुरक्षाकर्मियों के मनोबल को भी मजबूती देगा, जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही यह उन शहीद जवानों और उनके परिवारों के प्रति देश की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होगा, जिन्होंने शांति और सुरक्षा के लिए अपनों को खोया है।
लगातार 13वीं बार जवानों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से दीपावली का पर्व देश के जवानों के बीच मनाते आ रहे हैं। वर्ष 2014 से 2025 तक वे लगातार 12 बार जवानों के साथ दीपावली मना चुके हैं। बस्तर में प्रस्तावित यह आयोजन उनकी इस परंपरा का 13वां वर्ष होगा।
वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री ने गोवा में INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दीपावली मनाई थी। वहीं वर्ष 2024 में गुजरात के कच्छ में सेना, सीमा सुरक्षा बल, नौसेना और वायुसेना के जवानों के बीच पहुंचकर उन्होंने त्योहार मनाया था। इससे पहले भी वे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश सहित कई सामरिक एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में जवानों के साथ दीपावली मना चुके हैं।
बदलते बस्तर के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण संदेश
नक्सलवाद के लंबे दौर से प्रभावित रहे बस्तर में शांति और विकास की दिशा में हुए बदलाव के बीच प्रधानमंत्री का जवानों के साथ दीपावली मनाना प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह उन सुरक्षाबलों के संघर्ष को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने दुर्गम जंगलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
बस्तर की धरती पर जवानों के साथ दीपावली का यह आयोजन क्षेत्र की बदलती तस्वीर, सुरक्षा बलों के समर्पण और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने वाला अवसर बन सकता है। इस दीपोत्सव का संदेश साफ होगा कि देश अपने वीर जवानों के त्याग और बलिदान को कभी नहीं भूलता।