
पीएम केयर्स योजना से बालोद की मोनिका बघेल को मिली 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता
23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर बैंक खाते में अंतरित हुई राशि, जिला कलेक्टर ने भेंट किया प्रतीकात्मक डेमो चेक
रायपुर, 3 नवंबर 2026। कोविड-19 महामारी के दौरान अपनों को खोने वाले बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की मोनिका बघेल को 10 लाख रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर भारत सरकार की ओर से यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की गई। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने मोनिका को प्रतीकात्मक डेमो चेक भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मिली आर्थिक सहायता
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था की गई है। मोनिका बघेल को 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि मिली है। यह सहायता उनके भविष्य की जरूरतों, आजीविका और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण संबल बन सकती है।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्हें प्रतीकात्मक डेमो चेक प्रदान किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कोविड प्रभावित बच्चों के संबल के लिए शुरू हुई योजना
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत 29 मई 2021 को की गई थी। योजना का उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक को खोने वाले पात्र बच्चों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र बच्चों के नाम पर 10 लाख रुपये का कॉर्पस फंड तैयार किया जाता है। निर्धारित नियमों के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद 23 वर्ष की आयु तक मासिक वित्तीय सहायता दिए जाने का प्रावधान है। 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पात्र हितग्राही को 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सके।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा की भी व्यवस्था
योजना के अंतर्गत बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधान भी किए गए हैं। पात्र बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इसके साथ ही स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए नियमानुसार वित्तीय एवं शैक्षणिक सहयोग का प्रावधान किया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रभावित बच्चों को शिक्षा जारी रखने, बेहतर अवसर प्राप्त करने और सुरक्षित भविष्य की ओर आगे बढ़ने में मदद करना है।
कार्यक्रम में अधिकारी और संरक्षक रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सहित मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मोनिका के संरक्षक भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मोनिका बघेल को मिली यह सहायता कोविड महामारी से प्रभावित बच्चों के भविष्य को संबल देने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित कल्याणकारी प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
दण्डकारण्य दर्पण सच के साथ, समाज के साथ