गौरदण्ड में बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलिया को लेकर युवाओं में आक्रोश, निर्माण की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय जाने की तैयारी

केवटा नाला के पास पुलिया के दोनों छोर कटने से आवागमन बाधित, पंचायत ने फंड की कमी बताई; जल्द समाधान की मांग

गौरदण्ड में बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलिया को लेकर युवाओं में आक्रोश, निर्माण की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय जाने की तैयारी

 

केवटा नाला के पास पुलिया के दोनों छोर कटने से आवागमन बाधित, पंचायत ने फंड की कमी बताई; जल्द समाधान की मांग

संवाददाता: बोधन नाग

नारायणपुर/गौरदण्ड। बाढ़ के तेज बहाव ने गौरदण्ड पंचायत के केवटा नाला के पास स्थित पुलिया को क्षतिग्रस्त कर दिया है। पुलिया के दोनों छोर कट जाने से क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से मरम्मत और निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से स्थानीय युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब युवा अपनी मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन के समक्ष समस्या रखने की तैयारी कर रहे हैं।

पुलिया के दोनों छोर कटने से प्रभावित रास्ते की स्थिति।

ग्रामीणों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जा रही इस पुलिया की स्थिति ने क्षेत्र में आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण पुलिया के दोनों किनारों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया की बदहाल स्थिति के चलते स्थानीय स्तर पर इसके जल्द निर्माण अथवा स्थायी मरम्मत की मांग जोर पकड़ रही है।

 

पुलिया की बदहाली से ग्रामीण परेशान, आवागमन बना चुनौती

 

केवटा नाला के पास क्षतिग्रस्त पुलिया को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार सामने आ रही है। पुलिया के दोनों छोर कटने से आवागमन बाधित होने की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ते की उपलब्धता जरूरी है, लेकिन पुलिया की मौजूदा स्थिति ने इस जरूरत को और गंभीर बना दिया है।

 

स्थानीय युवाओं का कहना है कि पुलिया क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए इसकी मरम्मत या नए सिरे से निर्माण की दिशा में जल्द पहल होनी चाहिए। उनका मानना है कि समस्या का समय रहते समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

 

पंचायत ने फंड की कमी का दिया हवाला

 

पुलिया निर्माण की मांग को लेकर युवाओं द्वारा आवाज उठाए जाने पर पंचायत की ओर से फंड की कमी की बात कही गई है। सरपंच के अनुसार, पंचायत में फिलहाल इस कार्य के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है। पुलिया निर्माण से संबंधित जानकारी उच्च स्तर पर भेजी जा चुकी है।

 

पंचायत का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए फंड प्राप्त होने के बाद ही आवश्यक काम कराया जा सकेगा। हालांकि, निर्माण में हो रही देरी के बीच स्थानीय युवा जल्द समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं।

 

समाधान नहीं हुआ तो कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे युवा

 

पुलिया निर्माण की मांग पर अब युवाओं ने जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। युवाओं में इस बात को लेकर नाराजगी है कि ग्रामीणों की परेशानी के बावजूद अब तक पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया है।

 

युवाओं की तैयारी है कि वे जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुलिया की समस्या से प्रशासन को अवगत कराएंगे और जल्द निर्माण की मांग रखेंगे। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में आवश्यक पहल करते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से समाधान का रास्ता निकालेगा।

 

सुरक्षित आवागमन के लिए जरूरी है ठोस पहल

 

केवटा नाला के पास क्षतिग्रस्त पुलिया का मामला केवल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन से भी जुड़ा है। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा स्थल का निरीक्षण, क्षति का आकलन और आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाना महत्वपूर्ण होगा।

 

फिलहाल क्षेत्र के लोगों की नजरें पंचायत और जिला प्रशासन की पहल पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण के लिए कब तक आवश्यक स्वीकृति और बजट की व्यवस्था होती है तथा ग्रामीणों को राहत मिल पाती है।

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