
नारायणपुर के शिक्षकों की रचनात्मक पहल को मिला नया मंच, ‘नवपंख’ पत्रिका का हुआ विमोचन
शिक्षकों के शैक्षिक अनुभव, स्वरचित लेख और बाल कविताएं बनीं पत्रिका की पहचान, नारायणपुर और अबूझमाड़ के बच्चों में पठन-पाठन एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने की पहल
नारायणपुर। शिक्षा को अधिक रोचक, प्रभावी और रचनात्मक बनाने की दिशा में नारायणपुर जिले के शिक्षकों ने एक सराहनीय पहल की है। शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से तैयार स्वरचित पत्रिका ‘नवपंख’ का विमोचन छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के करकमलों से संपन्न हुआ। यह पत्रिका शिक्षकों की साहित्यिक प्रतिभा, शैक्षिक अनुभवों और नवाचारों को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ ही जिले के बच्चों के लिए प्रेरणा का नया माध्यम बनने की उम्मीद जगाती है।
शिक्षकों के अनुभव और बाल साहित्य को मिला स्थान
‘नवपंख’ पत्रिका में शिक्षकों द्वारा लिखे गए शैक्षिक अनुभवों, रचनात्मक लेखों और बाल कविताओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने-लिखने की रुचि विकसित करना, भाषा कौशल को मजबूत करना तथा उनकी कल्पनाशक्ति और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना है।
नारायणपुर और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में बच्चों की शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप रुचिकर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दृष्टि से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पत्रिका के माध्यम से बच्चों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर साहित्य, कविता और अनुभव आधारित सीखने के अवसर मिल सकेंगे।
सामूहिक प्रयास से आकार ले सकी ‘नवपंख’
श्रीमती बृजेश्वरी रावटे के मार्गदर्शन में जिले के शिक्षकों ने सामूहिक प्रयास करते हुए इस पत्रिका को तैयार किया। इसके निर्माण में श्रीमती पार्वती मंडल, श्रीमती संगीता संचेती, श्रीमती शिखा शर्मा, श्रीमती पूनम जायसवाल, श्रीमती कृष्णा कोरी, सुश्री सविता यादव, श्री फूलचंद सिन्हा, श्री कुलेश्वर नाग, श्री प्रेम कुमार सारथी, श्री नेमीचंद कोसे, श्री हेमंत बम्बोडे, श्री विजय कुमार साहू, श्री खूबचंद साहू और श्री योगेश कुमार साहू का विशेष सहयोग रहा।
शिक्षकों की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी रचनात्मकता और अनुभवों के माध्यम से शिक्षा को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बच्चों की प्रतिभा निखारने में सहायक बनेगी पत्रिका
‘नवपंख’ तैयार करने के पीछे शिक्षकों की साहित्यिक प्रतिभा को पहचान दिलाना, उनके अनुभवों को साझा करना और बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक एवं रुचिकर शिक्षण सामग्री विकसित करना प्रमुख उद्देश्य है। ऐसी पहल बच्चों को अपनी बात लिखने, कविता रचने, नए विचारों को समझने और सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर सकती है।
स्थानीय परिवेश और बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई सामग्री शिक्षा को सहज और आनंददायक बनाने में उपयोगी साबित हो सकती है। साथ ही, शिक्षकों के बीच शैक्षिक नवाचारों और बेहतर शिक्षण अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिलेगा।
विमोचन समारोह में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
‘नवपंख’ पत्रिका के विमोचन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रकांत चार्ली ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री महेंद्र नाथ पांडे, जिला मिशन समन्वयक श्री दीनबंधु रावटे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कृष्णनाथ गोटा और सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती कविता हिरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच और पंच भी शामिल हुए।
शिक्षा में नवाचार की दिशा में प्रेरक पहल
नारायणपुर के शिक्षकों द्वारा तैयार ‘नवपंख’ पत्रिका सामूहिक रचनात्मकता, नवाचार और शिक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। यह पहल शिक्षकों की प्रतिभा को सामने लाने के साथ ही बच्चों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का माध्यम बन सकती है।
यदि इस प्रयास को निरंतरता मिलती है, तो ‘नवपंख’ भविष्य में जिले के विद्यालयों में रचनात्मक शिक्षण, बाल साहित्य और अनुभव आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नारायणपुर और अबूझमाड़ के बच्चों के लिए यह पहल ज्ञान के साथ कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति के नए अवसर खोलने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
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