
वायरल प्रेम कहानी निकली फर्जी, रूस की नहीं इंग्लैंड की NGO टीम की सदस्य हैं विदेशी महिला
बिहार के युवक को राहुल यादव और विदेशी महिला को रूसी प्रेमिका बताकर फैलाया गया भ्रामक दावा; पड़ताल में युवक की पहचान नमित भय के रूप में सामने आई, नवंबर में शादी की कहानी का भी नहीं मिला आधार
प्रधान संपादक – दण्डकारण्य दर्पण
नई दिल्ली/पूर्णिया। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से बिहार के एक युवक और विदेशी महिला की कथित प्रेम कहानी तेजी से वायरल हो रही थी। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा था कि भागलपुर के राहुल यादव को रूस में रहने वाली जूली से प्यार हो गया और वह उससे शादी करने के लिए बिहार पहुंच गई हैं। यहां तक कि दोनों की शादी नवंबर 2026 में होने की बात भी कही जा रही थी। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों की पड़ताल में यह कहानी भ्रामक निकली है।
रूस की नहीं, इंग्लैंड की रहने वाली हैं विदेशी महिला
एनडीटीवी की 14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित फैक्ट चेक रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली महिला रूस की नहीं, बल्कि इंग्लैंड की रहने वाली एंड्रिया कॉनॉली हैं। वह शिविया चैरिटी नामक संस्था से जुड़ी हैं और बिहार में सामाजिक कार्यों के सिलसिले में आई टीम का हिस्सा थीं। इस तरह महिला को रूसी प्रेमिका बताकर प्रचारित किया गया दावा सही नहीं पाया गया।
भागलपुर नहीं, पूर्णिया का है युवक
वायरल पोस्ट में युवक को भागलपुर का राहुल यादव बताया जा रहा था। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाला युवक पूर्णिया जिले का नमित कुमार है, जो सोशल मीडिया पर नमित भय नाम से भी जाना जाता है। इस प्रकार वायरल कहानी में युवक की पहचान और घटना के स्थान को लेकर भी गलत जानकारी प्रसारित की गई।
NGO टीम सामाजिक कार्यों के लिए पहुंची थी बिहार
रिपोर्टों के मुताबिक, शिविया चैरिटी से जुड़ी छह महिलाओं की टीम 7 और 8 अक्टूबर को बिहार के पूर्णिया क्षेत्र में पहुंची थी। टीम स्थानीय संस्था साथी के साथ जमीनी स्तर पर किए जा रहे सामाजिक कार्यों को समझने आई थी। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं से मुलाकात की गई और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े प्रयासों के बारे में जानकारी ली गई।
इसी दौरे के दौरान विदेशी महिला और स्थानीय युवक के वीडियो सामने आए। बाद में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट ने वीडियो को अलग संदर्भ में पेश करते हुए इसे प्रेम कहानी का रूप दे दिया। देखते ही देखते रूस, प्रेमिका और शादी से जुड़े दावे वायरल होने लगे।
नवंबर में शादी का दावा भी भ्रामक
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि दोनों परिवारों ने शादी के लिए सहमति दे दी है और नवंबर में विवाह होने वाला है। लेकिन उपलब्ध मीडिया पड़ताल में इस कथित प्रेम संबंध या शादी के दावे की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए इसे वास्तविक घटना मानकर साझा करना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने से पहले जांच जरूरी
यह मामला दिखाता है कि किसी वास्तविक कार्यक्रम के वीडियो को गलत कैप्शन के साथ साझा करके किस तरह भ्रामक कहानी बनाई जा सकती है। किसी व्यक्ति की पहचान, निजी जीवन या रिश्ते से जुड़ा दावा बिना पुष्टि के प्रसारित करना उसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को चाहिए कि वे वायरल वीडियो पर विश्वास करने या उसे आगे साझा करने से पहले विश्वसनीय समाचार स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।
दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ