
स्थायी जाति प्रमाण पत्र के लिए भटक रही महिला, एसडीएम सुकमा पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
अस्थायी प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी स्थायी प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से परेशान आवेदिका ने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग से लगाई गुहार
सुकमा। अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित एक महिला ने स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी करने में देरी और बार-बार आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग से शिकायत की है। शिकायत में सुकमा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। महिला ने संबंधित अधिकारी को स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश देने की मांग की है।
शिकायत पत्र के अनुसार, आवेदिका सोनिया, पिता स्वर्गीय हान्दा राम, निवासी ग्राम रामाराम, तहसील एवं जिला सुकमा, ने स्वयं को मुरिया अनुसूचित जनजाति समुदाय का सदस्य बताया है। महिला का कहना है कि उसे स्थायी जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता है, लेकिन प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्थायी प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी नहीं बनी बात
आवेदिका ने शिकायत में उल्लेख किया है कि उसे 5 अक्टूबर 2026 को अस्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ था। इसके बाद स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उसने 7 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय सुकमा में आवेदन प्रस्तुत किया। महिला का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद उसे अब तक स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि स्थायी प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में बार-बार आवेदन देने के बाद भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते उसने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष अपनी बात रखते हुए मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग से हस्तक्षेप की मांग
महिला ने आयोग को दिए गए शिकायत पत्र में संबंधित एसडीएम को स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है। उसका कहना है कि प्रमाण पत्र के अभाव में उसे परेशानी हो रही है और संबंधित विभाग से शीघ्र समाधान की अपेक्षा है।
आवेदन के साथ आवेदिका ने वंशावली प्रमाण पत्र, अस्थायी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मिसल रिकॉर्ड, शपथ पत्र तथा कक्षा आठवीं की अंकसूची सहित अन्य दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न करने का उल्लेख किया है।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित राजस्व विभाग आवेदन और संलग्न दस्तावेजों की जांच कर स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को किस प्रकार आगे बढ़ाता है। साथ ही, शिकायत पर प्रशासन और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
फिलहाल उपलब्ध शिकायत पत्र में आवेदिका की ओर से लगाए गए आरोप दर्ज हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्रशासनिक पक्ष की जानकारी उपलब्ध नहीं है। मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
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