
सरकारी योजना से बदली रैनू राम सलाम की जिंदगी, डेयरी व्यवसाय से बढ़ी मासिक आय
दो गायों से शुरू हुआ सफर, अब चार गायों से रोजाना 20 से 25 लीटर दूध का उत्पादन; नारायणपुर के पशुपालक बने आत्मनिर्भरता की मिसाल
नारायणपुर, 12 अक्टूबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत राह भी बन रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर नारायणपुर जिले के ग्राम रेगांवड निवासी रैनू राम सलाम ने अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। कभी सीमित आय पर निर्भर रहने वाले रैनू राम आज डेयरी व्यवसाय के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
93 हजार 240 रुपये के अनुदान से शुरू किया डेयरी व्यवसाय
रैनू राम सलाम ने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत दो दुग्धारू गायों की इकाई स्थापित करने के लिए 93 हजार 240 रुपये का अनुदान प्राप्त किया। पशुधन विकास विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेहतर पशुपालन प्रबंधन अपनाते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी डेयरी इकाई का विस्तार किया।
आज उनकी डेयरी में चार दुग्धारू गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, पशुओं की देखभाल और योजनाओं का प्रभावी उपयोग ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
मासिक आय 10 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये तक पहुंची
डेयरी व्यवसाय से रैनू राम सलाम की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। दूध उत्पादन के साथ-साथ वे दही और पनीर भी तैयार कर रहे हैं। स्थानीय बाजार में इन उत्पादों की मांग उनके व्यवसाय को अतिरिक्त संभावनाएं प्रदान कर रही है।
उन्होंने नियमित टीकाकरण, हरे चारे की व्यवस्था और नस्ल सुधार सेवाओं का लाभ लेकर पशुपालन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाया है। पशुओं के स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान देने से दूध उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल रही है।
परिवार की आर्थिक मजबूती के साथ पोषण में भी सुधार
रैनू राम सलाम के लिए डेयरी व्यवसाय केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि परिवार के जीवन स्तर में सुधार का माध्यम भी बना है। उनकी आय में वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और पोषण स्तर में भी सुधार आया है।
रैनू राम सलाम ने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, जिला प्रशासन नारायणपुर और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण परिवार अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
पशुपालन और डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले में पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य पशुपालन एवं डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित कर ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना और आजीविका के स्थायी अवसर विकसित करना है।
रैनू राम सलाम की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के उन किसानों और पशुपालकों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो उपलब्ध संसाधनों और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। सही दिशा में मेहनत, पशुओं की उचित देखभाल और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन के माध्यम से डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ