
वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम से विवाद, जनपद सदस्य हरिमोहन दास गिरफ्तार
गोण्डाहूर में वन विभाग के अधिकारियों से अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप, शिकायत के 24 घंटे के भीतर पुलिस की कार्रवाई
आरक्षित वनक्षेत्र में 25 हेक्टेयर के रोपण स्थल पर मक्का की खेती की सूचना के बाद पहुंची थी टीम, आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
कांकेर। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम के साथ विवाद का मामला सामने आया है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के गोण्डाहूर थाना क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में जनपद सदस्य हरिमोहन दास को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
अतिक्रमण हटाने पहुंची थी वन विभाग की टीम
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षित वनक्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-1142 स्थित लगभग 25 हेक्टेयर के रोपण स्थल पर अतिक्रमण कर मक्का की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
इसी दौरान ग्राम पीव्ही-52 जयपुर निवासी जनपद सदस्य हरिमोहन दास पर वन विभाग की टीम के साथ अभद्र व्यवहार करने, धक्का-मुक्की का प्रयास करने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगा। घटना के बाद वन विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत पर दर्ज हुआ अपराध, पुलिस ने की गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर गोण्डाहूर थाने में अपराध क्रमांक 22/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 और 132 में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू करते हुए आरोपी की तलाश की।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूर राकेश कुर्रे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश कुमार सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एएसपी राकेश कुर्रे के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुर्रे के मार्गदर्शन और गोण्डाहूर पुलिस की सक्रियता से त्वरित कार्रवाई की गई। वन विभाग की टीम आरक्षित वनक्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान शासकीय कार्य में बाधा डालने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
यह कार्रवाई वन भूमि से जुड़े मामलों में प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई के महत्व को रेखांकित करती है। हालांकि, अतिक्रमण से संबंधित आरोपों और घटना की परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
वन भूमि पर अतिक्रमण रोकना प्रशासन के लिए चुनौती
बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में वन भूमि पर अतिक्रमण और खेती से संबंधित शिकायतें प्रशासन के सामने चुनौती बनी रहती हैं। आरक्षित वनक्षेत्रों की सुरक्षा, पौधरोपण स्थलों का संरक्षण और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे रोकने के लिए नियमित निगरानी तथा प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
गोण्डाहूर की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर कार्रवाई कितनी प्रभावी और नियमित है। साथ ही, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय सुरक्षा तथा प्रशासनिक सहयोग मिलना भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि, इस प्रकरण में किसी राजनीतिक संरक्षण की पुष्टि संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले को आरोपों, पुलिस की कार्रवाई और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिमोहन दास, पिता स्वर्गीय चकरी दास, उम्र 45 वर्ष, निवासी पीव्ही-52 जयपुर, थाना गोण्डाहूर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के रूप में हुई है।
कांकेर पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 94791-55125 जारी किया है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
दंडकारण्य दर्पण का सवाल: वन भूमि और सरकारी रोपण स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिक्रमण की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई कितनी जरूरी है? वन संपदा का संरक्षण प्रशासन, वन विभाग और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
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