चांपा में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 15.52 लाख रुपये का पान मसाला जब्त

बिना लाइसेंस कारोबार करने के आरोप में सुजाता टी कंपनी की दुकान सील, कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में हलचल

चांपा में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 15.52 लाख रुपये का पान मसाला जब्त

 

बिना लाइसेंस कारोबार करने के आरोप में सुजाता टी कंपनी की दुकान सील, कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में हलचल

 

जांजगीर-चांपा। जिले के चांपा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पान मसाला कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुजाता टी कंपनी से 15 लाख 52 हजार रुपये मूल्य का पान मसाला एवं अन्य सामान जब्त किया है। विभागीय कार्रवाई के दौरान दुकान को भी सील कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठान में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

चांपा में सुजाता टी कंपनी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई।

मिली जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने चांपा स्थित सुजाता टी कंपनी में जांच की। इस दौरान बड़ी मात्रा में पान मसाला एवं अन्य सामान मिलने पर उसे जब्त किया गया। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 15 लाख 52 हजार रुपये बताया जा रहा है।

 

बिना लाइसेंस कारोबार का मामला

 

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का प्रमुख आधार संबंधित प्रतिष्ठान में लाइसेंस के बिना कारोबार किए जाने की जानकारी सामने आना बताया गया है। खाद्य कारोबार के संचालन के लिए नियमानुसार आवश्यक पंजीयन या लाइसेंस होना जरूरी है। ऐसे मामलों में संबंधित नियमों के तहत विभाग कार्रवाई कर सकता है।

 

दुकान सील, कारोबारियों में चर्चा

 

सुजाता टी कंपनी पर हुई इस कार्रवाई के बाद चांपा के व्यापारिक क्षेत्र में हलचल की स्थिति है। लाखों रुपये की सामग्री जब्त किए जाने और दुकान सील किए जाने की कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

हालांकि, जब्त किए गए सामान की विस्तृत सूची, कार्रवाई के दौरान लागू किए गए विशिष्ट कानूनी प्रावधानों और आगे की विभागीय प्रक्रिया से संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

 

खाद्य पदार्थों के कारोबार में निर्धारित नियमों और लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। विभागीय जांच और कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के अनुरूप कारोबार सुनिश्चित करना है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और संबंधित प्रतिष्ठान का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

 

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