CG: 27 प्रतिशत आरक्षण समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कोंडागांव में विशाल अधिकार रैली

विकासनगर स्टेडियम में आमसभा के बाद निकली रैली, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन; जातिगत जनगणना और पांचवीं अनुसूची-पेसा कानून का लाभ देने की भी मांग

27 प्रतिशत आरक्षण समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कोंडागांव में विशाल अधिकार रैली

 

विकासनगर स्टेडियम में आमसभा के बाद निकली रैली, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन; जातिगत जनगणना और पांचवीं अनुसूची-पेसा कानून का लाभ देने की भी मांग

संवाददाता – धनेन्द्र निषाद 

कोंडागांव, 3 अक्टूबर 2026। जिला मुख्यालय कोंडागांव में शनिवार को छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज जिला शाखा के तत्वावधान में विशाल आमसभा और अधिकार रैली का आयोजन किया गया। विकासनगर स्टेडियम में आयोजित आमसभा में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पिछड़ा वर्ग समाज के लोग शामिल हुए। आमसभा के बाद समाज की तीन प्रमुख मांगों को लेकर शहर में अधिकार रैली निकाली गई।

कोंडागांव में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली गई सर्व पिछड़ा वर्ग समाज की अधिकार रैली।

रैली में युवा, महिलाएं, समाज के पदाधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज के सदस्य शामिल हुए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहां समाज के प्रतिनिधिमंडल ने तीन सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

 

आमसभा के बाद शहर में निकली अधिकार रैली

 

अधिकार रैली से पहले विकासनगर स्टेडियम में समाज की आमसभा आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने पिछड़ा वर्ग समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी और तीन सूत्रीय मांगों को लेकर समाज को संगठित होकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखने की बात कही।

 

आमसभा के बाद रैली के रूप में समाज के लोग शहर की सड़कों पर निकले। रैली में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं भी शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए शासन और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।

 

27 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुख

 

अधिकार रैली के दौरान पिछड़ा वर्ग समाज की प्रमुख मांग छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की रही। समाज के पदाधिकारियों ने इसे अपने अधिकारों से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बताते हुए शासन के समक्ष मांग रखी।

 

आरक्षण व्यवस्था से संबंधित प्रावधानों पर समय-समय पर न्यायालयों में भी विचार हुआ है। इसलिए राज्य में आरक्षण की वर्तमान स्थिति और किसी भी बदलाव को संबंधित शासनादेशों तथा न्यायिक आदेशों के संदर्भ में देखा जाना आवश्यक है। रैली में शामिल समाज के लोगों ने अपने ज्ञापन के माध्यम से 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को शासन के समक्ष रखा।

 

ओबीसी के लिए अलग कॉलम और जातिगत जनगणना की मांग

 

समाज की दूसरी प्रमुख मांग राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम निर्धारित कर जातिगत जनगणना कराने की रही।

 

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और हिस्सेदारी से संबंधित आंकड़े सामने आने के लिए जातिगत आंकड़ों का संकलन महत्वपूर्ण है। इसी मांग को लेकर समाज ने ज्ञापन में ओबीसी के लिए अलग कॉलम निर्धारित करने की मांग रखी है।

 

पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के लाभ की मांग

 

तीसरी मांग के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत मूलनिवासी ओबीसी समाज को पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ दिए जाने की मांग रखी गई।

 

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन क्षेत्रों में संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रावधान लागू हैं, वहां पात्र लोगों को उनके अधिकारों और योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इस संबंध में भी शासन स्तर पर आवश्यक पहल किए जाने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई।

 

एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

 

अधिकार रैली के एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कोंडागांव एसडीएम को तीन सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने मांगों को शासन तक पहुंचाने और संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई।

 

ज्ञापन में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, ओबीसी के लिए अलग कॉलम के साथ जातिगत जनगणना तथा पांचवीं अनुसूची एवं पेसा कानून के तहत पात्र मूलनिवासी ओबीसी समाज को सुविधाओं का लाभ देने जैसी मांगें शामिल रहीं।

 

हजारों लोगों के शामिल होने का आयोजकों का दावा

 

अधिकार रैली में कोंडागांव जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से समाज के लोग पहुंचे। आयोजन में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न पदाधिकारियों की भागीदारी रही।

 

आयोजकों ने रैली में हजारों की संख्या में सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों के शामिल होने का दावा किया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण शहर में रैली प्रमुख चर्चा का विषय रही।

 

संगठित रूप से शासन तक आवाज पहुंचाने का प्रयास

 

समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकार रैली का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग समाज की मांगों और समस्याओं को संगठित रूप से शासन-प्रशासन के सामने रखना है। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है और अब शासन स्तर पर इन मांगों पर आवश्यक पहल की अपेक्षा है।

 

रैली को लेकर पुलिस रही मुस्तैद

 

बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक इंतजाम किए। रैली के मार्ग और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती रही। पुलिस जवानों ने यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाली।

 

तीन मांगों पर अब शासन के रुख पर नजर

 

कोंडागांव में आयोजित आमसभा और अधिकार रैली के माध्यम से सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाई है। इनमें 27 प्रतिशत आरक्षण, ओबीसी के लिए अलग कॉलम के साथ जातिगत जनगणना तथा पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत पात्र मूलनिवासी ओबीसी समाज को सुविधाओं का लाभ देने की मांग शामिल है।

 

अब इन मांगों पर शासन स्तर से क्या पहल होती है और संबंधित विषयों पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर समाज की नजर रहेगी।

 

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