
सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन कार्यक्रम का शुभारंभ
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों से आत्मीय संवाद, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और शिशुओं का अन्नप्राशन
नारायणपुर, 28 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और अभिभावकों तक पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है।
इसी कड़ी में सोमवार को नगर पालिका क्षेत्र के बांग्लापारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
बच्चों से मिले जनप्रतिनिधि, पूछा नाम और पसंद
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार और संतुलित पोषण के संदेशों को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। रंगोली के जरिए बच्चों के भोजन में पोषक तत्वों की जरूरत और संतुलित आहार के महत्व को सरल तरीके से समझाया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने बच्चों का परिचय पूछा और उनकी रुचियों व गतिविधियों के बारे में जाना। इस दौरान बच्चों के साथ सहज माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ पोषण आहार वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, शिशुओं का अन्नप्राशन
आंगन मिलन कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं के लिए गोद भराई और शिशुओं के लिए अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित इन कार्यक्रमों में महिलाओं और उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गोद भराई के दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और जरूरी सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से शिशुओं के लिए पूरक आहार की शुरुआत और उनके पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
योजनाओं की जानकारी, सहभागिता बढ़ाने पर जोर
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने महिलाओं और अभिभावकों को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी। बच्चों के नियमित पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के साथ गर्भवती और शिशुवती माताओं के लिए उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
अभिभावकों से आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने और बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास पर नियमित ध्यान देने की अपील की गई।
कई आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित हो रहा कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें आमगांव, बेलगांव, बोरगांव, कोचवाही, बागडोंगरी, नाउमुंजमेटा, रेंगाबेड़ा और सोनपुर सहित कई आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं।
बेनूर परियोजना के अंतर्गत छेरीबेड़ा, खरगांव, भाटपाल और भुरवाल में, जबकि छोटेडोंगर परियोजना के तारभाटा, पलाटपारा, कुम्हारपारा, धुरबेड़ा, बड़े कुम्हारी, कोडेर, धौड़ाई, महिमागवाड़ी और नीचेपारा सहित अन्य केंद्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी तरह नारायणपुर परियोजना के बंगलापारा, शांतिनगर, लोहरापारा, गुडरीपारा, सिंगोड़ी तराई और पटेलपारा तथा बिंजली परियोजना के बिंजली, तेलसी और पालकी केंद्रों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
गरांजी सेक्टर के गरांजी, टेकापारा, दुग्गाबेंगाल, चिपरेल और गढ़बेंगाल, ओरछा सेक्टर के ओरछा, गुदाड़ी, कुड़मेल, कुंजेकाल, आदेर और जाटलूर तथा कुंदला सेक्टर के एहनार, ढोंढरीबेड़ा, गारपा, मसपुर, मेटानार, पांगुड़ और कोंगे में भी आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इसके अलावा कोहकामेटा सेक्टर के कुंदला, ईरकभट्टी, मुरनार, बेचा, किहकाड़, कच्चापाल और कोहकामेटा तथा आकाबेड़ा सेक्टर के आकाबेड़ा, नेड़नार, कलमानार, मेटानार, कुतुल, परपा और मोहंदी में भी कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी
बांग्लापारा में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीना नाग, पार्षद कीर्ति पोटाई सहित विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सहभागिता की। उपस्थित महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों को करीब से देखा और बच्चों व माताओं से संबंधित विभागीय योजनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और विकास के लिए परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के बीच समन्वय को जरूरी बताया गया। जनप्रतिनिधियों और महिलाओं ने भी आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के इस अभियान के जरिए जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच संपर्क मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, अभिभावकों और समुदाय के लोगों की भागीदारी रहेगी।