चिरायु योजना से जन्मजात समस्या का हुआ उपचार, तीन बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

बीजापुर के दूरस्थ गांवों से अयान, अंजलि और सविता का रायपुर में हुआ निःशुल्क उपचार, परिवारों की चिंता हुई दूर

चिरायु योजना से जन्मजात समस्या का हुआ उपचार, तीन बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

 

बीजापुर के दूरस्थ गांवों से अयान, अंजलि और सविता का रायपुर में हुआ निःशुल्क उपचार, परिवारों की चिंता हुई दूर

 

रायपुर, 26 सितंबर 2026। बीजापुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले तीन बच्चों के लिए चिरायु योजना नई उम्मीद लेकर आई है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जन्मजात कटे होंठ की समस्या से पीड़ित पाए गए अयान, अंजलि और सविता को चिरायु टीम ने चिन्हांकित किया। आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को उपचार के लिए रायपुर भेजा गया, जहां श्री मेडिशाइन अस्पताल में उनका निःशुल्क उपचार किया गया।

चिरायु योजना के तहत उपचार के बाद बच्चों और उनके परिवारों को मिली राहत

गंगालूर निवासी संतोष साहनी के सवा साल के बेटे अयान के जन्म से ही कटे होंठ की समस्या थी। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ने अयान की समस्या की पहचान की। इसके बाद आवश्यक जांच कर उपचार की प्रक्रिया पूरी की गई और उसे रायपुर भेजा गया। उपचार सफल होने के बाद अयान के परिवार को बड़ी राहत मिली है।

 

इसी तरह बीजापुर जिले के इशूलनार गांव की आठ वर्षीय अंजलि हापका और तोड़का गांव की तीन वर्षीय सविता ताती भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थीं। चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान दोनों बच्चियों की पहचान की और उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा। दोनों का योजना के तहत निःशुल्क उपचार कराया गया।

 

चिरायु योजना से समय पर हुई समस्या की पहचान

 

चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों में जन्मजात समस्याओं, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास से जुड़ी समस्याओं की पहचान की जाती है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिन्हांकित बच्चों को आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जाता है।

 

अयान, अंजलि और सविता के मामलों में भी ग्रामीण स्तर पर हुई स्वास्थ्य जांच के बाद उनकी समस्या सामने आई। इसके बाद उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

 

अयान के परिवार को मिली नई उम्मीद

 

गंगालूर निवासी संतोष साहनी अपने बेटे अयान की जन्मजात समस्या को लेकर चिंतित थे। गांव में हुई स्वास्थ्य जांच के दौरान चिरायु टीम ने बच्चे की समस्या पहचानी। आवश्यक जांच के बाद अयान को रायपुर उपचार के लिए भेजा गया।

 

श्री मेडिशाइन अस्पताल में उपचार के बाद अयान की स्थिति में सुधार हुआ। बेटे का उपचार होने के बाद परिवार की चिंता कम हुई है। परिवार के लिए बच्चे के चेहरे पर आया बदलाव खुशी और नई उम्मीद लेकर आया है।

 

अंजलि के परिवार की चिंता हुई दूर

 

इशूलनार निवासी आठ वर्षीय अंजलि हापका भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थी। उसके पिता सुखमा हापका बेटी के उपचार को लेकर चिंतित थे। चिरायु टीम द्वारा अंजलि की पहचान किए जाने के बाद उसे विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा गया।

 

रायपुर में चिकित्सकों की देखरेख में अंजलि का उपचार किया गया। उपचार के बाद परिवार को बेटी के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है।

 

सविता को भी मिला निःशुल्क उपचार

 

तोड़का निवासी तीन वर्षीय सविता ताती के लिए भी चिरायु योजना मददगार साबित हुई। सविता जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थी। चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसकी पहचान की और उपचार की प्रक्रिया पूरी कर उसे रायपुर भेजा गया।

 

श्री मेडिशाइन अस्पताल में सविता का सफल उपचार किया गया। बेटी के उपचार के बाद उसके पिता बीजू ताती और परिवार ने राहत महसूस की। परिवार के लिए यह उपचार बड़ी चिंता से राहत मिलने जैसा रहा।

 

दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधा

 

बीजापुर जैसे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में चिरायु टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्चों की समस्याओं की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

 

अयान, अंजलि और सविता का उपचार इस बात का उदाहरण है कि समय पर समस्या की पहचान और उचित चिकित्सा सुविधा मिलने से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। तीनों बच्चों के उपचार से उनके परिवारों को राहत मिली है और बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद मजबूत हुई है।

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