
बस्तर में भारी बारिश से बिगड़े हालात, इंद्रावती का जलस्तर बढ़ा
निचले इलाकों में अलर्ट, कलेक्टर आकाश छिकारा ने संभाली कमान, पुल पुलियों और रपटों पर बैरिकेडिंग
जगदलपुर। बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और नदी के तटीय तथा निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने एसडीएम, तहसीलदार, होमगार्ड कमांडेंट सहित मैदानी अमले और पुलिस अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जगदलपुर के पुराने पुल स्थित गेज साइट पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील इलाकों में मुनादी
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्रों और निचली बस्तियों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। मैदानी अमले को जलभराव अथवा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुल पुलियों और रपटों पर बढ़ाई गई निगरानी
बारिश के कारण जिन रपटों और पुल पुलियों पर पानी बढ़ने की आशंका है, वहां सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग कर लोगों को पानी के तेज बहाव के बीच आवागमन करने से रोका जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर कोटवार और निगरानी दलों की तैनाती की गई है।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
जिला प्रशासन ने आम लोगों से उफनती नदियों, नालों और जलमग्न रपटों से दूर रहने की अपील की है। लोगों से अपील की गई है कि पानी के तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है।
‘अर्नब’ नाम को लेकर जरूरी तथ्य
बस्तर में भारी बारिश को लेकर कई जगह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि उपलब्ध मौसम संबंधी रिपोर्टों में सक्रिय प्रणाली को बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब बताया गया है और एक रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भारतीय मौसम विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में ‘चक्रवात अर्नब’ नाम का तूफान दर्ज नहीं है।