
नारायणपुर, 22 सितंबर 2026। नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान पीएम जनमन के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट अबूझमाड़ सहित जिले के दूरस्थ इलाकों में पहुंचकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच, उपचार, दवा और परामर्श की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान के तहत 1 जनवरी 2026 से 7 सितंबर 2026 तक नारायणपुर और ओरछा विकासखंड में 315 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कुल 7093 लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। इनमें 6944 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह पीवीटीजी के हितग्राही शामिल रहे।
जांच के साथ उपचार और रेफरल की सुविधा
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई। अभियान के दौरान 5440 लोगों की डायग्नोस्टिक जांच की गई। वहीं 1685 लोगों की मलेरिया और डेंगू जांच, 3744 लोगों की हाइपरटेंशन स्क्रीनिंग तथा 1683 लोगों की डायबिटीज जांच की गई।
इसके अलावा 1457 लोगों की एनीमिया स्क्रीनिंग और 1136 लोगों की सिकल सेल जांच हुई। 120 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 202 लोगों को नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं तथा 244 गर्भवती महिलाओं को एएनसी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गंभीर अथवा विशेष उपचार की जरूरत वाले 39 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। वहीं 1179 हितग्राहियों को आयरन फोलिक एसिड की खुराक उपलब्ध कराई गई।
पीवीटीजी परिवारों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा
अभियान के दौरान पीवीटीजी परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी गई। सिकल सेल जांच कराने वाले 1136 लोगों में 1118 पीवीटीजी हितग्राही रहे। इसी तरह हाइपरटेंशन स्क्रीनिंग में 3744 में से 3663 और डायबिटीज जांच में 1683 में से 1651 पीवीटीजी हितग्राही शामिल रहे।
मोबाइल मेडिकल यूनिट के गांवों तक पहुंचने से दूरस्थ ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र तक लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हुई है। स्थानीय स्तर पर जांच और प्राथमिक उपचार मिलने से बीमारियों की समय पर पहचान और जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे के उपचार के लिए रेफर करने में भी मदद मिल रही है।
अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाना चुनौतीपूर्ण रहा है। इसके बावजूद मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों तक पहुंचकर नियमित रूप से शिविर आयोजित कर रही है। जांच, उपचार, दवा, परामर्श और रेफरल जैसी सुविधाएं ग्रामीणों को उनके नजदीक उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अंतिम छोर तक पहुंचाने का यह प्रयास दूरस्थ जनजातीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने में भी मदद मिल रही है।