
नारायणपुर। पंचायत सचिव संघ जिला नारायणपुर ने पंचायत सचिवों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नारायणपुर को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि पंचायत सचिवों की समस्याओं को लेकर कई बार जिला पंचायत को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।
ज्ञापन में पंचायत सचिवों की वेतन विसंगति दूर करने, प्रत्येक माह की एक तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा पंचायत सचिवों का वेतन स्थापना जनपद पंचायतों के माध्यम से किए जाने की मांग की गई है। संघ ने वर्ष 2013 से अब तक वेतन में अंतर की राशि का भुगतान करने की मांग भी रखी है।
लंबित भुगतान और निर्माण कार्यों के मूल्यांकन का मामला
संघ ने जनपद और जिला स्तर के निर्माण कार्यों का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करने की मांग की है। इसके अलावा पंचायत सचिवों की निलंबन अवधि तथा रोके गए वेतन का भुगतान करने और सचिवों पर जारी वसूली राशि का स्थल पर कार्यों के मूल्यांकन और सत्यापन के बाद ही निर्धारण करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में पंचायत सचिवों के वर्ष में एक बार जनपद पंचायत की अनुशंसा के आधार पर स्थानांतरण किए जाने की मांग भी शामिल है। निर्माण कार्यों का चरणबद्ध मूल्यांकन और सत्यापन कराने की बात कही गई है।
मनरेगा और पंचायत निर्माण कार्यों के भुगतान की मांग
संघ ने मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए सामुदायिक शेड, देव शेड, जी शेड, गोठान में नाडेप टैंक, वर्मी टैंक और सड़कों जैसे कार्यों का लंबित मूल्यांकन कर भुगतान करने की मांग की है। स्कूल जतन, न्यूट्री गार्डन, आहता, अतिरिक्त कक्ष और मध्यान्ह भोजन शेड निर्माण की लंबित राशि जारी करने की मांग भी की गई है।
इसके साथ ही डीएमएफ मद से किए गए निरस्त कार्यों में जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें पुनः स्वीकृति देने तथा उप अभियंताओं के रिक्त पदों के कारण हो रहे मूल्यांकन में विलंब को दूर करने के लिए जनपदों में तकनीकी सहायकों की पदस्थापना की मांग की गई है।