
बदहाल सड़क से कब मिलेगी निजात, आमदई माइंस की भारी गाड़ियों से परेशान ग्रामीण
ओरछा छोटेडोंगर मार्ग पर आए दिन ट्रकों के फंसने से यातायात प्रभावित, गड्ढों और कीचड़ ने बढ़ाई राहगीरों की मुश्किल
संवाददाता बोधन नाग
नारायणपुर छोटेडोंगर। छोटेडोंगर, ओरछा और धौडाई क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति अब ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनती जा रही है। ओरछा छोटेडोंगर मार्ग पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सड़क पर जगह जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किल और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि आमदई माइंस से जुड़ी भारी मालवाहक गाड़ियों की लगातार आवाजाही से सड़क पर दबाव बढ़ रहा है। भारी वाहनों के गुजरने के कारण कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब हो गई है। बारिश के दौरान स्थिति ऐसी हो जाती है कि छोटे वाहन चालकों को गड्ढों और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है।
सड़क पर ट्रक फंसने से घंटों प्रभावित होता है यातायात
सड़क की बदहाली का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। कई बार भारी वाहन सड़क के गड्ढों और कीचड़ में फंस जाते हैं, जिससे मार्ग पर यातायात प्रभावित हो जाता है। वाहन फंसने के बाद दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है और यात्रियों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य लोग आवागमन करते हैं। सड़क बंद होने या यातायात बाधित होने की स्थिति में लोगों को समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने का प्रमुख मार्ग
ओरछा, छोटेडोंगर और धौडाई क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। नारायणपुर जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क की खराब स्थिति का असर दैनिक आवागमन के साथ साथ व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। जगह जगह बने गड्ढों में पानी भरने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की वास्तविक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराने और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को देखते हुए सड़क की मजबूती और स्थायी सुधार की जरूरत है।
अब क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने बड़ा सवाल यही है कि आखिर बदहाल सड़क से उन्हें कब निजात मिलेगी। सड़क कब सुधरेगी और कब इस मार्ग से सुरक्षित और सुगम आवागमन संभव हो सकेगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाएगा।