
असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव, गाड़ियों के शीशे टूटे
नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान समागुड़ी में हुआ हंगामा, कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर लगाया आरोप, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया
नागांव, असम। असम के नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार 21 सितंबर को कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। काफिले में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा सहित कई नेता मौजूद थे। घटना समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के बरमा बाजार के आसपास बताई गई है।
काले झंडे दिखाने के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस का काफिला लारीमुख में आयोजित चुनावी सभा की ओर जा रहा था। इसी दौरान बरमा बाजार क्षेत्र में कुछ लोगों ने कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाए और गो बैक के नारे लगाए। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और काफिले के वाहनों पर पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ रिपोर्टों में सीआरपीएफ और पुलिस द्वारा भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
गाड़ियों के शीशे टूटे, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पथराव में उनके काफिले की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त वाहन का वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने पत्थर और बोतलों से काफिले को निशाना बनाया।
गोगोई के अनुसार जिस वाहन में वह और भूपेश बघेल यात्रा कर रहे थे, उस पर भी हमला हुआ। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि एआईसीसी सचिव मनोज चौहान को पत्थर लगने से चोट आई है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि घटना को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने क्या बताया
पुलिस के अनुसार विवाद की शुरुआत काले झंडे दिखाने और नारेबाजी से हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और पथराव की स्थिति बनी। कुछ वाहनों की खिड़कियां टूटने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने कांग्रेस नेताओं को सुरक्षा घेरे में वहां से सुरक्षित निकाला।
असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार घटना के बाद कांग्रेस की महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर ने नागांव सदर थाने में शिकायत देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। हालांकि घटना में कितने लोग घायल हुए और संपत्ति को कितना नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं हुई थी।
चुनावी माहौल के बीच हुई घटना
नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद हो रहा है। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार नागांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।
इस उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से प्रचार अभियान तेज है। ऐसे में प्रचार के दौरान सामने आई पथराव की घटना ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार
घटना के संबंध में कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, उपलब्ध पुलिस संबंधी रिपोर्टों में घटना को दोनों पक्षों के बीच टकराव और पथराव के रूप में बताया गया है। इसलिए भाजपा की भूमिका को लेकर कांग्रेस के आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में पुलिस जांच और दर्ज शिकायत के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।