
CGPSC परीक्षा में सही-गलत उत्तरों पर समान अंक देने के आरोप, कांग्रेस ने उठाई जांच और पुनर्मूल्यांकन की मांग
1:3 अनुपात, उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और साक्षात्कार प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सरकार और आयोग से जवाब की मांग
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर ने प्रेस वार्ता आयोजित कर परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे उठाए। कांग्रेस नेताओं ने 2025 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन, उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परीक्षा प्रक्रिया के मानदंडों को लेकर सरकार तथा आयोग से स्पष्ट जवाब मांगा।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने बताया कि वर्ष 2025 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में 265 पदों के लिए 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि 1:3 के अनुपात के अनुसार 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था।
हालांकि, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से 4 सितंबर को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया था कि निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने के कारण 795 के बजाय 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए चिन्हित हुए। आयोग के अनुसार अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक प्रश्न-पत्र में 33 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 23 प्रतिशत न्यूनतम अंक निर्धारित हैं।
कांग्रेस नेताओं ने वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा की कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भी सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए जाने का दावा किया गया, जिनमें समान अथवा गलत उत्तरों के लिए अलग-अलग अंक दिए जाने की बात कही गई। कांग्रेस ने इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यकता पड़ने पर उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मामले के निराकरण तक पीएससी के साक्षात्कार स्थगित करने की मांग भी रखी।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से प्रमुख रूप से सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले सार्वजनिक करने, मूल्यांकन के स्पष्ट मानदंड और मॉडल उत्तर जारी करने, उत्तर-पुस्तिकाओं से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था पर विचार करने की मांग की गई।
इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन में 1:3 अनुपात को लेकर आयोग की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सार्वजनिक होने से अभ्यर्थियों के बीच पारदर्शिता और विश्वास कायम होगा।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश दीवान, पीसीसी महासचिव रजनू नेताम, पूर्व जिलाध्यक्ष बिसेल नाग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिव कुमार पाण्डेय, कांग्रेस महासचिव शेख तौहीद अहमद, संजय राय, शब्बीर बढ़गुजर, छोटेडोंगर ब्लॉक अध्यक्ष महेश कोर्राम सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।