CG: निको माइंस के ट्रकों से परेशान किसान और ग्रामीण, बस्ती में पार्किंग पर रोक की चेतावनी

प्लाटपारा, मुंडाटिकरा और टारभाटा के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी के सामने रखी समस्याएं, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं की मांग

निको माइंस के ट्रकों से परेशान किसान और ग्रामीण, बस्ती में पार्किंग पर रोक की चेतावनी

 

प्लाटपारा, मुंडाटिकरा और टारभाटा के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी के सामने रखी समस्याएं, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं की मांग

संवाददाता – बोधन नाग

ग्राम पंचायत छोटेडोंगर के अंतर्गत आने वाले प्लाटपारा, मुंडाटिकरा और टारभाटा के किसान और ग्रामीण इन दिनों निको माइंस के भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि माइंस के ट्रकों के कारण गांव की सड़कें प्रभावित होने के साथ खेती-किसानी और आम जनजीवन पर भी इसका असर पड़ रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से जगह-जगह गंदगी फैलने की समस्या भी सामने आ रही है।

ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि निको माइंस के भारी वाहनों के लिए अब तक गांव के बाहर उचित पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते कई बार बस्ती और गांव के आसपास ही ट्रकों को खड़ा कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि बस्ती के भीतर अब माइंस के ट्रकों की पार्किंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

ग्रामीणों ने कंपनी से मांग की है कि वह अपने वाहनों के लिए स्वयं व्यवस्थित पार्किंग स्थल तैयार करे, ताकि गांव के लोगों को परेशानी न हो। इसके साथ ही वाहन चालकों के लिए पर्याप्त शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

 

खुले में शौच से ग्रामीण परेशान

 

ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद वाहन चालकों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके कारण चालक खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं, जिससे गांव के आसपास गंदगी फैल रही है। ग्रामीणों ने कंपनी से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

 

खेती और किसानों के नुकसान का उठाया मुद्दा

 

किसानों ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही से कई स्थानों पर खेती के रास्ते और कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। यदि माइंस की गतिविधियों अथवा भारी वाहनों के कारण किसी किसान की जमीन या फसल को नुकसान पहुंचा है तो नियमानुसार उसका उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

 

ग्रामीणों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर किसानों की आजीविका और खेती को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। कंपनी और प्रशासन को ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।

 

जनता की समस्याओं के लिए हमेशा खड़े रहेंगे: राकेश उसेंडी

 

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर जिला पंचायत भेजा है। ग्रामीणों की समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

उन्होंने कहा कि निको माइंस कंपनी को बस्ती में वाहनों की पार्किंग करने के बजाय गांव से उचित दूरी पर व्यवस्थित पार्किंग स्थल तैयार करना चाहिए। वाहन चालकों के लिए शौचालय और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था भी कंपनी की जिम्मेदारी है।

 

राकेश उसेंडी ने कहा कि यदि माइंस गतिविधियों अथवा भारी वाहनों के कारण किसानों की कृषि भूमि और फसलों को नुकसान पहुंच रहा है तो प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए।

 

उन्होंने प्रशासन से भी ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कंपनी की व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की। राकेश उसेंडी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

 

ग्रामीणों ने भी दो टूक कहा कि अब बस्ती में माइंस के ट्रकों को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। कंपनी को अपनी पार्किंग के साथ वाहन चालकों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

 

 

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