CG: जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल संचय और जल जीवन मिशन की समीक्षा कर मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूरा करने के दिए निर्देश

 

 

रायपुर, 10 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। राज्य सरकार प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण और हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में जल संचय जन भागीदारी अभियान तथा जल जीवन मिशन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मार्च 2028 तक जल संरचनाएं पूरी करने के निर्देश

 

मुख्यमंत्री ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

 

उन्होंने मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

 

जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025 और 26 में प्रदेश के कई जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

 

उन्होंने कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों की कार्यप्रणाली और अनुभवों का लाभ दूसरे जिलों को भी मिलना चाहिए, जिससे पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को गति मिल सके।

 

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी कमियां सामने आएं, उनका तत्काल समाधान किया जाए।

 

हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने पर जोर

 

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। राज्य के हर घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने अपने जिलों में जल जीवन मिशन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी या क्रियान्वयन से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान कर शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए।

 

उन्होंने कहा कि केवल पाइपलाइन और अन्य अधोसंरचना का निर्माण ही लक्ष्य नहीं है। यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचे और परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिलता रहे।

 

पूर्ण कार्यों का भुगतान समय पर करने के निर्देश

 

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।

 

उन्होंने जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा और सामने आने वाली समस्याओं के प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

 

हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सभी जिलों की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया जाए।

 

उन्होंने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से वर्तमान पीढ़ी को बेहतर पेयजल सुविधा मिलने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए शासन और प्रशासन के साथ आम नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करना जरूरी है।

 

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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