CG: सुबह सड़कों पर उतरें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखकर कराएं काम : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में स्वच्छता, राजस्व, जल संरक्षण और दीर्घकालिक शहरी विकास पर दिया जोर, अगले 50 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप शहरों की योजना बनाने के निर्देश

 

 

रायपुर:  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता व्यवस्था, राजस्व वसूली, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारी सुबह शहरों का भ्रमण करें, जमीनी हकीकत देखें और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि वे शहरों के भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण इकाइयां हैं। उनका दायित्व नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास की योजना तैयार करना भी है। उन्होंने निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

ऑनलाइन संपत्ति कर व्यवस्था पर जोर

 

उप मुख्यमंत्री ने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों का सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने तथा संपत्ति कर भुगतान के लिए अधिक से अधिक नगरीय निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियंताओं को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्माणाधीन कार्यों का नियमित निरीक्षण करने को कहा।

 

सुबह भ्रमण से मिलेगी वास्तविक स्थिति की जानकारी

 

श्री साव ने अधिकारियों को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहरों की साफ-सफाई, निर्माण कार्यों और नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शहर की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, बल्कि नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी भी प्राप्त होगी।

 

अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर सख्ती

 

बैठक में अवैध कब्जों और अतिक्रमणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध निर्माण भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, इसलिए समय रहते कार्रवाई आवश्यक है।

 

जल संकट से बचने के लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी

 

श्री साव ने अगले 50 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग पर विशेष जोर देते हुए सभी घरों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की रणनीति बनाने को कहा।

 

शहरों में दिखे निकायों की सक्रिय मौजूदगी : सोनमणि बोरा

 

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि निकायों का कार्य केवल निर्माण कार्य पूरा करना नहीं, बल्कि शहरों की व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन भी है। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रोडमैप तैयार करने और नागरिकों को विकास कार्यों से जोड़ने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने शहरों में खाली भूमि पर सघन वृक्षारोपण कर अर्बन फॉरेस्ट विकसित करने, फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने और एनजीटी के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने पर जोर दिया। साथ ही नालंदा परिसरों को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए फर्नीचर, आईटी सुविधाओं और पुस्तक व्यवस्था हेतु जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

 

इन योजनाओं और कार्यों की हुई समीक्षा

 

बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री घोषणाओं, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि, पीएम ई-बस योजना, राजस्व वसूली, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

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