
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की वैज्ञानिक तकनीक पर नारायणपुर पुलिस की विशेष कार्यशाला
फिंगर प्रिंट की पहचान से लेकर संरक्षण तक पुलिसकर्मियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
नारायणपुर, 7 सितंबर 2026। अपराध अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस द्वारा फिंगर प्रिंट एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देश पर 6 सितंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बैठक कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों से पहुंचे विवेचकों और पुलिस कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
घटनास्थल की बारीकियों को समझने पर जोर
कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय रायपुर से पहुंची फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ निरीक्षक अंजलि मिंज ने पुलिसकर्मियों को घटनास्थल निरीक्षण के दौरान फिंगर प्रिंट के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फिंगर प्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की पहचान, उनका संकलन, संरक्षण और दस्तावेजीकरण करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया समझाई।
एनएएफआईएस और एमसीयू के उपयोग की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्वचालित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली एनएएफआईएस के उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही माप संग्रहण इकाई एमसीयू के प्रभावी उपयोग की प्रक्रिया भी पुलिसकर्मियों को समझाई गई।
चांस फिंगर प्रिंट की पहचान और सुरक्षित संग्रहण का प्रशिक्षण
विशेषज्ञ ने घटनास्थल पर मिलने वाले चांस फिंगर प्रिंट की पहचान, उन्हें सुरक्षित तरीके से उठाने और अपराध की विवेचना में उनके उपयोग की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि घटनास्थल से मिले छोटे से छोटा वैज्ञानिक साक्ष्य भी अपराध की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल की दी व्यावहारिक जानकारी
कार्यशाला में स्याही रहित फिंगर प्रिंट पैड, फिंगर प्रिंट खोज पर्ची और लघु फिंगर प्रिंट विकसित करने वाली किट के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। साथ ही घटनास्थल निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार करने और घटनास्थल से प्राप्त फिंगर प्रिंट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखने की प्रक्रिया समझाई गई।
वैज्ञानिक जांच से बेहतर होगा अपराध अनुसंधान
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी पद्धतियों में दक्ष बनाना है, ताकि घटनास्थल का निरीक्षण अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सके और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन में किसी प्रकार की चूक न हो। इससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार के साथ विवेचना को अधिक तथ्यात्मक और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
नारायणपुर पुलिस द्वारा अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए लगातार प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।