CG: राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का जिला संगठक ने किया निरीक्षण

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का जिला संगठक ने किया निरीक्षण

 

नारायणपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों को प्रभावी और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के उद्देश्य से वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का निरीक्षण जिला संगठक शशिभूषण कन्नौजे ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य भगवान दास चांडक और राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी निहारिका सोरी उपस्थित रहीं।

निरीक्षण के दौरान जिला संगठक ने इकाई की वर्षभर की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्वयंसेविकाओं के पंजीयन, नियमित गतिविधियों, विशेष शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की।

 

उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों का भी अवलोकन किया। स्वयंसेविकाओं की उपस्थिति, गतिविधि पंजिका, कार्यक्रमों के फोटोग्राफ और प्रतिवेदन सहित विशेष शिविर से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली गई। आगामी कार्ययोजना और स्वयंसेविकाओं की सहभागिता को लेकर कार्यक्रम अधिकारी से चर्चा भी की गई।

 

शशिभूषण कन्नौजे ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर नियमित गतिविधियां आयोजित करने के लिए स्वयंसेविकाओं को प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम अधिकारी निहारिका सोरी ने इकाई द्वारा अब तक संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वयंसेविकाएं महाविद्यालयीन गतिविधियों के साथ सामाजिक और जनहित के कार्यक्रमों में भी उत्साहपूर्वक भाग लेती हैं। आगामी सत्र में गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।

 

प्राचार्य भगवान दास चांडक ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि NSS विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज सेवा का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने महाविद्यालय स्तर पर इकाई को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन देने की बात कही।

 

निरीक्षण के अंत में जिला संगठक ने इकाई की गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए और स्वयंसेविकाओं को सामाजिक सेवा तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।

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