CG: अबूझमाड़ की बेटी राजबती पोयाम ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, रक्षाबंधन पर बढ़ाया नारायणपुर का मान

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय ओरछा की कक्षा 11वीं की छात्रा को राष्ट्रपति भवन में मिला विशेष अवसर

अबूझमाड़ की बेटी राजबती पोयाम ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, रक्षाबंधन पर बढ़ाया नारायणपुर का मान

 

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय ओरछा की कक्षा 11वीं की छात्रा को राष्ट्रपति भवन में मिला विशेष अवसर

 

दंडकारण्य दर्पण

 

अबूझमाड़ के सुदूर अंचल से निकलकर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय ओरछा की छात्रा कु. राजबती पोयाम ने रक्षाबंधन के अवसर पर देश की राष्ट्रपति महोदया से भेंट कर नारायणपुर जिले का मान बढ़ाया। 28 अगस्त 2026 को राजबती पोयाम ने राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात की और उन्हें अबूझमाड़िया पारंपरिक माला एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया।

राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात के लिए छत्तीसगढ़ से पांच बच्चों का चयन किया गया था। इनमें नारायणपुर जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय ओरछा की कक्षा 11वीं की छात्रा राजबती पोयाम का चयन हुआ। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय है।

दसवीं के परिणाम और व्यक्तित्व के आधार पर हुआ चयन

 

राजबती पोयाम जिला मुख्यालय से करीब 125 किलोमीटर दूर स्थित सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्र के ग्राम मुरुमवाड़ा की रहने वाली हैं। समग्र शिक्षा के निर्देशों और कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी तथा डीएमसी के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी की गई। राजबती का चयन दसवीं कक्षा में प्राप्त प्रतिशत और उनके व्यक्तित्व एवं वक्तव्य के आधार पर किया गया।

 

25 अगस्त को रायपुर से दिल्ली के लिए हुईं रवाना

 

राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए चयनित होने के बाद राजबती पोयाम 25 अगस्त 2026 को रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें राष्ट्रपति भवन में देश की प्रथम नागरिक से मुलाकात करने का अवसर मिला।

 

राष्ट्रपति को भेंट की अबूझमाड़िया पारंपरिक माला

 

मुलाकात के दौरान राजबती पोयाम ने अबूझमाड़ की पारंपरिक संस्कृति और पहचान को अपने साथ लेकर राष्ट्रपति महोदया को अबूझमाड़िया पारंपरिक माला एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। सुदूर अबूझमाड़ से आई एक छात्रा का राष्ट्रपति से मिलना क्षेत्र के लिए विशेष उपलब्धि मानी जा रही है।

 

विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संस्था ने राजबती पोयाम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि अबूझमाड़ के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

 

दंडकारण्य दर्पण के लिए यह उपलब्धि केवल एक छात्रा की सफलता नहीं, बल्कि अबूझमाड़ की प्रतिभा, संस्कृति और बदलते अवसरों की एक तस्वीर है।

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