
नारायणपुर में हुआ खेलो इंडिया से संवाद कार्यक्रम, 95 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद से विद्यार्थियों को मिली खेल संस्कृति और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा
नारायणपुर, 27 अगस्त 2026। शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में खेलो इंडिया से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के लिए सुबह 10 बजे से विद्यार्थियों का पंजीयन शुरू हुआ, जिसमें कुल 95 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया। इसके बाद सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने खेलों के महत्व और देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने को लेकर युवाओं से संवाद किया।
खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने का प्रधानमंत्री ने दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं से खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी सहायक हैं।
उन्होंने युवाओं को स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के बजाय खेल और शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने खेलों में बढ़ती स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी की भूमिका और इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला।
दीप प्रज्वलन के साथ स्थानीय कार्यक्रम की शुरुआत
महाविद्यालय में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. आर. कुंजाम ने की। जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मेश्राम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. कुंजाम ने स्वागत भाषण में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेलों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और खेल के माध्यम से व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
खेल शिक्षा और रोजगार के अवसर भी खोलते हैं
मुख्य अतिथि नरेंद्र मेश्राम ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के दौर में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेलों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि खेलों में बेहतर प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।
महाविद्यालय परिवार ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम का आयोजन श्री संतोष कुमार राव और डॉ. मीनाक्षी द्वारा किया गया। विद्यार्थियों के पंजीयन की जिम्मेदारी डॉ. विक्रम विजेत्री सिंह और श्री प्रदीप सलाम ने संभाली।
कार्यक्रम में श्री संजय पटेल, डॉ. प्रमोद चतुर्वेदी, डॉ. विजय लाल तिवारी, डॉ. हरि शंकर कुमार और डॉ. वंदना नेताम सहित अतिथि, प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
आभार के साथ कार्यक्रम का हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सतीश पांडे ने मुख्य अतिथि, अतिथियों, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।
खेलो इंडिया से संवाद कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को खेलों के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल संस्कृति को अपनाने की प्रेरणा मिली। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और महाविद्यालय परिवार के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।