
रावघाट माइंस क्षेत्र में दिखा तेंदुआ, वन्यजीवों की मौजूदगी से वन क्षेत्र में बढ़ी हलचल
नारायणपुर। रावघाट पहाड़ के माइंस क्षेत्र में एक तेंदुआ विचरण करते हुए दिखाई दिया। खदान क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद इलाके में वन्यजीवों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक आसपास के जंगलों में पहले भी तेंदुआ, भालू और अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी देखी जाती रही है।
रावघाट क्षेत्र वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास माना जाता है। यहां लंबे समय से जंगली जानवर अपने प्राकृतिक क्षेत्र में विचरण करते हैं। क्षेत्र में लौह अयस्क खनन का काम शुरू होने के बाद वन्यजीवों की गतिविधियों में बदलाव को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन गतिविधियों और मानवीय आवाजाही के कारण जंगली जानवर कई बार अपने सामान्य ठिकानों से निकलकर दूसरे स्थानों की ओर जाते दिखाई देते हैं। हालांकि तेंदुए का माइंस क्षेत्र में दिखाई देना वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रिय मौजूदगी का संकेत भी माना जा रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार तेंदुआ, भालू और अन्य जंगली जानवर सामान्य तौर पर मानवों से दूरी बनाए रखते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
रावघाट क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में इसे लेकर उत्सुकता भी है। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या अच्छी है तो उनके संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि खनन गतिविधियों के बीच वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सके।
फिलहाल क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर कोई विशेष अभियान शुरू होने की जानकारी सामने नहीं आई है। तेंदुए के विचरण का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अब वन विभाग की निगरानी और वन्यजीव संरक्षण को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।