CG: जनपद सदस्य एवं ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन की पहल, गौरदंड प्राथमिक शाला में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति

जनपद सदस्य और ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन की पहल, गौरदंड प्राथमिक शाला में अतिथि शिक्षक नियुक्त

 

रिपोर्टर : बोधन नाग

 

नारायणपुर/छोटेडोंगर। गौरदंड पंचायत के प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीण महिलाओं द्वारा जिला मुख्यालय पहुंचकर रखी गई मांग पर प्रशासन ने त्वरित पहल की है। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्कूल में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति की गई है। इससे लंबे समय से शिक्षक की कमी से जूझ रहे बच्चों की पढ़ाई को नियमित रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।

गौरदंड पंचायत के प्राथमिक शाला में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने की समस्या को लेकर जनपद सदस्य एसबती मांझी के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाएं नारायणपुर जिला मुख्यालय पहुंची थीं। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया था कि शिक्षक के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार बच्चे स्कूल पहुंचने के बावजूद नियमित पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं।

 

ग्रामीणों ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल में तत्काल शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग की थी। उनका कहना था कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूल ही गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख आधार है। ऐसे में शिक्षकों की कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।

 

मांग के बाद प्रशासन ने दिखाई तत्परता

 

ग्रामीण महिलाओं की मांग को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए गौरदंड प्राथमिक शाला में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति की है। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में राहत और संतोष का माहौल है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि अतिथि शिक्षक की नियुक्ति से फिलहाल बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित होने में मदद मिलेगी। हालांकि ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की स्थायी और पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है, ताकि भविष्य में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

 

बच्चों की शिक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित

 

ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है। इस स्तर पर शिक्षकों की कमी रहने से बच्चों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक विकास पर असर पड़ सकता है। इसी चिंता को लेकर ग्रामीण महिलाएं जिला मुख्यालय पहुंचीं और प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।

 

जनपद सदस्य एसबती मांझी और ग्रामीण महिलाओं की पहल के बाद अतिथि शिक्षक की नियुक्ति को ग्रामीण प्रशासन की सकारात्मक कार्रवाई मान रहे हैं। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्कूल में बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी तथा शिक्षकों की कमी का स्थायी समाधान भी किया जाएगा।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित पहल के लिए आभार जताते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं पर इसी तरह संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होती रही तो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

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