CG: नक्सलवाद के खात्मे से समर्थकों में बेचैनी, कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करे: केदार कश्यप

युवाओं की आड़ में नक्सली विचारधारा का बचाव बंद करे कांग्रेस

नक्सलवाद के खात्मे से समर्थकों में बेचैनी, कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करे: केदार कश्यप

 

युवाओं की आड़ में नक्सली विचारधारा का बचाव बंद करे कांग्रेस

 

रायपुर, 19 अगस्त 2026। नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर वन मंत्री केदार कश्यप ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं या उनके लोकतांत्रिक आंदोलनों को नक्सलवाद से नहीं जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने नक्सली हिंसा और उसे वैचारिक समर्थन देने वाली मानसिकता को लेकर चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस इस बयान को तोड़-मरोड़कर युवाओं के नाम पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के परिणाम अब सामने आ रहे हैं। नक्सलवाद कमजोर हो रहा है तो उसके वैचारिक समर्थकों में भी बेचैनी दिखाई दे रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं के बयान पूरे देश के सामने हैं।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता अतीत में नक्सली विचारधारा के प्रति सहानुभूति रखते रहे हैं और अब वही लोग नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई में अपने योगदान की बातें कर रहे हैं। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की कथित नरमी और नीतियों के कारण नक्सलवाद को लंबे समय तक विस्तार का अवसर मिला।

 

वन मंत्री ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज नक्सलवाद को लेकर बयान देने वाले चिदंबरम से देश यह जानना चाहता है कि जब केंद्र में आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके पास थी, तब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई क्यों नहीं लड़ी गई। उनके कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा।

 

कश्यप ने कहा कि नक्सली हिंसा और उसकी विचारधारा के प्रति किसी भी तरह की सहानुभूति नक्सलवाद को वैचारिक ताकत देती है। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस को बताना चाहिए कि वह पी. चिदंबरम के बयान के साथ खड़ी है या नहीं।

 

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर कांग्रेस की दोहरी राजनीति अब स्वीकार नहीं की जा सकती। युवाओं के नाम पर नक्सली विचारधारा का बचाव बंद होना चाहिए।

 

केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर का युवा नक्सलवाद नहीं चाहता। वह शांति, शिक्षा, रोजगार और विकास चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

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