
शिक्षा से लेकर कांग्रेस के युवा चुनाव तक अजय चंद्राकर का निशाना, दीपक बैज पर तीखा पलटवार
कांग्रेस के अंदर चुनाव नहीं, यादवी संघर्ष चल रहा है, अजय चंद्राकर ने कहा
रायपुर, 19 अगस्त 2026। शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश का केंद्रीय विषय है और इससे जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। पूरे देश का युवा आज जागरूक है, इसलिए शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
अजय चंद्राकर ने शिक्षा मंत्री को लेकर दीपक बैज की टिप्पणी को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने दीपक बैज पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद रील के नेता हैं। चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर भी असहजता दिखाई देती है और दीपक बैज के लिए भूपेश बघेल को नेता मानने में परेशानी होती है।
कांग्रेस के युवा चुनाव पर भी साधा निशाना
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के चुनाव को लेकर अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में चुनाव नहीं बल्कि यादवी संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की तुलना महाभारत के यादवी संघर्ष से करते हुए कहा कि जिस तरह आपसी संघर्ष में यादव वंश का अंत हो गया और कोई कुछ नहीं कर पाया, उसी तरह कांग्रेस भी अपने आंतरिक संघर्ष के बाद खत्म हो जाएगी।
सरकार के ढाई साल पूरे होने पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब
प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरे होने पर कांग्रेस द्वारा विकास को लेकर किए जा रहे सवालों पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने समय में किए गए विकास को ही विकास मानती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस का यही विकास का मॉडल है तो भगवान छत्तीसगढ़ को कांग्रेस से बचाए।
चंद्राकर ने कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस आखिर किस विषय में बात करेगी। उन्होंने कहा कि दयालदास जी ने प्रेसवार्ता में यह स्पष्ट किया है कि किस तरह सप्लाई दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के विकास को देखने का नजरिया अलग है।
बस्तर को बताया बड़ी उपलब्धि
बस्तर में हो रहे बदलावों को लेकर अजय चंद्राकर ने कहा कि बस्तर सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब परिवर्तन की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव को देखने के लिए नजरिया होना जरूरी है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि बस्तर को केवल पुराने नजरिए से देखने के बजाय वहां हो रहे बदलावों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक समय जेल को तीर्थ स्थल की तरह देखा जाता था और लोग वहां जाने में भी गर्व महसूस करते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं।