
झारखंड के युवाओं पर लाठीचार्ज और कांग्रेस की चुप्पी उसके दोहरे चरित्र का प्रमाण : केदार कश्यप
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान न्याय की बात करने वाली कांग्रेस झारखंड के युवाओं के मामले में मौन क्यों : कश्यप
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने झारखंड में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कथित लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में युवा अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाके में जिस तरह की स्थिति बनाई गई, उससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो पूरे क्षेत्र को बॉर्डर में तब्दील कर दिया गया हो।
केदार कश्यप ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब कोई प्रदर्शन होता है, तब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल प्रदर्शनकारियों के अधिकार और न्याय की बात करते हैं। लेकिन झारखंड में जब युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरते हैं और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई होती है, तब यही राजनीतिक दल चुप्पी साध लेते हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या झारखंड में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले युवा कांग्रेस की नजर में सौतेले हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों के समर्थन में आवाज उठाने वाली कांग्रेस झारखंड के युवाओं के साथ हुई कार्रवाई पर मौन क्यों है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सहयोगी है। ऐसे में युवाओं पर हुई कार्रवाई के बाद कांग्रेस की चुप्पी उसके राजनीतिक दोहरे मापदंड को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन और आंदोलनों को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाती है।
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की इस दोहरी नीति को देश की जनता देख और समझ रही है। एक ओर प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की बात करना और दूसरी ओर सहयोगी सरकार के शासन वाले राज्य में युवाओं पर कार्रवाई के मामले में चुप रहना कांग्रेस की चयनात्मक राजनीति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह दोहरा मापदंड अब जनता से छिपा नहीं है। लोग यह समझ चुके हैं कि कांग्रेस की ओर से न्याय और अधिकारों को लेकर उठाई जाने वाली आवाज कई बार राजनीतिक परिस्थितियों और सुविधा के अनुसार बदल जाती है।