
फेसबुक पोस्ट को लेकर रायपुर में विवाद, भाजपा ने की FIR की मांग
शिवलिंग और देवी देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, सिविल लाइन थाने पहुंचा भाजपा प्रतिनिधिमंडल
रायपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर धार्मिक आस्था से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर राजधानी रायपुर में विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेताओं ने हंसराज गोयल और अरुण पन्नालाल के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत की है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि फेसबुक पर शिवलिंग तथा अन्य देवी देवताओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां और सामग्री पोस्ट की गई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। भाजपा ने संबंधित पोस्ट की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी समेत अन्य भाजपा नेताओं ने पुलिस से मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को लेकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस को पोस्ट की सत्यता, पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके पीछे की मंशा की जांच करनी चाहिए।
सिविल लाइन थाने में शिकायत
मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में कथित फेसबुक पोस्ट की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
इस मामले की पुष्टि करने वाले एक सोशल मीडिया परिणाम में भी हंसराज गोयल और अरुण पन्नालाल के नाम के साथ शिवलिंग पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा के विरोध और कार्रवाई की मांग का उल्लेख मिला है।
भाजपा ने कहा धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अमित चिमनानी ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े देवी देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या एडिटेड सामग्री को लेकर सिविल लाइन थाने में शिकायत कर चुके हैं। दिसंबर 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जुड़े एडिटेड वीडियो के मामले में भी उनकी शिकायत पर सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित फेसबुक पोस्ट, उसकी मूल सामग्री, पोस्ट करने वाले अकाउंट और पोस्ट के संदर्भ की जांच की जा सकती है। यदि जांच में कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो पुलिस आगे वैधानिक कार्रवाई कर सकती है।