
दंडकारण्य दर्पण
55 अतिथि शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद, कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा नहीं होंगे निराश
समीक्षा बैठक के बाद जरूरत वाले स्कूलों में होगी जिला स्तर पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति
नारायणपुर। जिले में फंड की कमी का हवाला देकर 55 अतिथि शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को कार्यमुक्त किए जाने के बाद अब उनके लिए राहत की उम्मीद जगी है। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि जल्द ही समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और जिन स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता होगी, वहां जिला स्तर पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
कलेक्टर नम्रता जैन ने दंडकारण्य दर्पण से चर्चा में कहा कि किसी भी अतिथि शिक्षक को निराश नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी विद्यालयों की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। समीक्षा के बाद जहां शिक्षकों की कमी मिलेगी, वहां नियमानुसार अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
गौरतलब है कि हाल ही में फंड की कमी के कारण 55 अतिथि शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके बाद प्रभावित शिक्षकों ने शासन-प्रशासन से न्याय की मांग की थी। इस मुद्दे को लेकर सर्व आदिवासी समाज सहित विभिन्न संगठनों ने भी शिक्षकों के समर्थन में आवाज उठाई और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद प्रभावित अतिथि शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें प्रस्तावित समीक्षा बैठक और उसके बाद होने वाले निर्णय पर टिकी हैं। यदि जरूरत वाले विद्यालयों में शीघ्र नियुक्तियां होती हैं तो जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी और कार्यमुक्त शिक्षकों को दोबारा रोजगार मिलने का रास्ता भी खुल सकता है।