
दंडकारण्य दर्पण
रायपुर, 3 अगस्त। ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, मेहनत और संकल्प का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर देश के लिए पदक जीता और प्रदेश को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। लगातार अभ्यास, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है और यह संदेश देती है कि ईमानदार मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ हर सपना पूरा किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपनी इस बेटी पर गर्व है। इसी भावना के तहत राज्य सरकार ने उन्हें आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया है, ताकि उनकी उपलब्धि का सम्मान हो और प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिले।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए रवाना होने से पहले भी उन्हें ज्ञानेश्वरी से मिलने का अवसर मिला था और उन्होंने उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी थीं। रजत पदक जीतने के बाद मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के माध्यम से भी उन्हें बधाई दी थी। आज मुख्यमंत्री निवास में उनका सम्मान करते हुए उन्होंने इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और उत्सव का अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना, उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा तिरंगा बुलंद करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव जैसी खिलाड़ियों की सफलता नई पीढ़ी में आत्मविश्वास जगाने का कार्य करेगी और प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव को उनकी उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं की पहचान, उनके सम्मान और उनके विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। यही प्रयास भविष्य में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।